बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन हेतु गठित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक

हरिद्वार– अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) श्री वीर सिंह बुदियाल की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन हेतु गठित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 यथा संशोधित अधिनियम 2016 के अन्तर्गत जनपद में बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम, राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के सर्वे की स्थिति, पेन्सिल पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार, चिह्नित बाल श्रमिकों का शैक्षिक पुनर्वासन, बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम के लिये प्रभावी कदम उठाये जाने, के सम्बन्ध में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। 
श्रम विभाग के अधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) को बताया कि बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिये समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण एवं सर्वेक्षण किये जाते हैं, गैर सरकारी संगठनों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर औद्योगिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, वाणिज्यिक अधिष्ठानों में जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाते हैं। इसके अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर सेवायोजक द्वारा बाल एवं किशोर श्रम नियोजित करना दण्डनीय अपराध है, की सूचना प्रदर्शित की जाती है तथा सर्व साधारण से भी बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम हेतु अपील की जाती है। 
श्री वीर सिंह बुदियाल द्वारा पेन्सिल पोर्टल(www.pencil.gov.in) के सम्बन्ध में पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 यथा संशोधित अधिनियम 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बाल श्रम की रोकथाम व निगरानी हेतु पेन्सिल पोर्टल निर्मित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कोई भी नागरिक बाल श्रम तथा खतरनाक प्रक्रियाओं में बाल/किशोर के नियोजन के सम्बन्ध में इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है, जिसके अनुसार पोर्टल पर दर्ज शिकायत का निस्तारण किया जाता है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम एवं उन्मूलन हेतु कारगर कदम उठाते हुये, इस पोर्टल का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाये।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगर बाल व किशोर श्रम के कहीं से भी मामले प्रकाश में आते हैं, तो ऐसे सेवायोजकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये तथा सम्बन्धित बच्चे के साथ सौहार्द्र का व्यवहार करते हुये, उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि तथा कार्य करने की मजबूरी का भी पता लगया जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने के साथ ही उनके पुनर्स्थापन के लिये भी कार्य करने की आवश्यकता है। 
 इस अवसर पर श्री प्रशान्त कुमार सहायक श्रम आयुक्त, श्री विक्रम सिंह परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग, श्रीमती रीना राठौर पुलिस उपाधीक्षक, श्री संजय संत लीड बैंक मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक, श्री टी0आर0 मलेठा समाज कल्याण अधिकारी, श्री एस.पी. सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा० शिक्षा), ड़ा० पंकज जैन सहायक चिकित्सा अधिकारी, श्रीमती अंजना सैनी अध्यक्ष बाल कल्याण समिति, श्री धर्मराज श्रम प्रवर्तन अधिकारी रूड़की, श्री बी.पी.जुयाल श्रम प्रवर्तन अधिकारी हरिद्वार व जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं पदाधिकारीगण उपस्थित थे। 

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