सोमवती अमावस्या पर उमड़ी आस्था की भीड-कुंभ प्रबंधन की रणनीति को परखने का बना महत्वपूर्ण अवसर*

 

*हरिद्वार, 15 जून 2026*

सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा।   हरकी पैड़ी एवं आसपास के गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने मेला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ मेला नियंत्रण भवन स्थित केन्द्रीयकृत नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण करने के साथ ही सीसीआर टावर से विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ के दबाव और यातायात संचालन की स्थिति का जायजा लिया।

मेलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ मेला नियंत्रण भवन के टावर से हरकी पैड़ी तथा आसपास के घाटों पर स्नान हेतु उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ का जायजा लेने के साथ ही स्थापित केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष (सीसीआर) का भी निरीक्षण कर सीसीटीवी नेटवर्क, भीड़ निगरानी प्रणाली, यातायात नियंत्रण तंत्र एवं विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर भीड़ के घनत्व, श्रद्धालुओं की आवाजाही के रुझान तथा व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाले प्रमुख स्नान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर भी हैं। इन अवसरों पर वास्तविक परिस्थितियों में व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जा रहा है, जिससे भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाकर प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।

उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन स्नान पर्वों के दौरान प्राप्त आंकड़ों एवं अनुभवों का व्यवस्थित विश्लेषण कर रहा है। विशेष रूप से यह अध्ययन किया जा रहा है कि किस समय और किस स्थान पर सर्वाधिक भीड़ का दबाव बनता है, श्रद्धालुओं की आवाजाही के प्रमुख मार्ग कौन से हैं, आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया समय कितना है तथा यातायात संचालन को और अधिक सुगम कैसे बनाया जा सकता है।

श्रीमती सोनिका ने बताया कि आगामी कुंभ मेले के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली, रियल टाइम क्राउड एनालिटिक्स, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वित संचालन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक बड़े स्नान पर्व से प्राप्त फीडबैक को योजनाओं में शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेला विश्व के सबसे विराट आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है। कंुभ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और निर्बाध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना मेला शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। इसी उद्देश्य से मेला प्रशासन सभी व्यवस्थाओं एवं तैयारियों की निरंतर समीक्षा व मूल्यांकन करने के साथ ही हाल के स्नान पर्वों के अनुभवों के आधार अपनी कार्ययोजना तय कर रहा है, ताकि आगामी कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस दौरान अपर मेलाधिकारी श्री दयानन्द सरस्वती, अपर पुलिस अधीक्षक (संचार) श्री विपिन कुमार सहित मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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