हरिद्वार
**पीएमश्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, मुण्डाखेड़ा कलां, लक्सर, हरिद्वार** में आयोजित **भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर** के तृतीय दिवस का आयोजन ज्ञान, तकनीक एवं अनुभवात्मक अधिगम के समन्वय के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर के तीसरे दिन की प्रमुख गतिविधि **“वर्चुअल सिटी टूर (Virtual City Tour)”** रही, जिसने विद्यार्थियों को तकनीक के माध्यम से विभिन्न शहरों की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं सामाजिक विशेषताओं से परिचित होने का अनूठा अवसर प्रदान किया।
भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषा कौशल के विकास के साथ-साथ उनकी जिज्ञासा, सांस्कृतिक समझ एवं वैश्विक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है। इसी क्रम में आयोजित वर्चुअल सिटी टूर गतिविधि विद्यार्थियों के लिए अत्यंत रोचक, ज्ञानवर्धक और नवीन अनुभव सिद्ध हुई। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने घर या विद्यालय परिसर में रहते हुए तकनीकी संसाधनों के सहारे विभिन्न शहरों की यात्रा का अनुभव प्राप्त किया।
कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती वंदना तथा दैनिक प्रार्थना एवं तत्पश्चात राष्ट्रगान से किया गया I विद्यार्थियों को गतिविधि के उद्देश्य और प्रक्रिया से अवगत कराने के साथ हुआ। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि आधुनिक तकनीक ने शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं और वर्चुअल टूर जैसे माध्यम सीखने को अधिक प्रभावी एवं अनुभवात्मक बनाते हैं।
उपस्थित छात्र-छात्राओं को अलग-अलग समूह में विभाजित किया गया तथा उन्हें अलग-अलग रोल को नाटकीय रूप से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए द्वितीय दिवस के प्रभारी श्री संजीव कुमार द्वारा अलग-अलग गतिविधियों को विस्तार से समझाया गया, जिसमें खरीदारी करते समय, रेस्टोरेंट में खाना ऑर्डर करते समय अथवा रेस्टोरेंट में मीनू में अंकित भोज्य पदार्थों को सरलीकृत करने के संबंध में विस्तार से बताया गया I तत्पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा अलग-अलग समूह में नाटक प्रस्तुत किए गए I इसके पश्चात टीवी के माध्यम से छात्रों को स्थानीय बाजार शहर आदि के बारे में रोचक जानकारी प्रदान की गई I विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी शहर की पहचान केवल उसकी इमारतों या सड़कों से नहीं होती, बल्कि उसकी भाषा, संस्कृति, परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और जीवन शैली से भी होती है।
**वर्चुअल सिटी टूर** के अंतर्गत विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से भारत के विभिन्न प्रमुख शहरों एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों के बारे में जानकारी प्राप्त की। शहरों की प्रमुख पहचान, ऐतिहासिक धरोहर, स्थानीय संस्कृति, खान-पान, भाषा और पर्यटन स्थलों से संबंधित रोचक तथ्यों को दृश्य-श्रव्य माध्यमों के द्वारा प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने उत्सुकता के साथ विभिन्न स्थलों का अवलोकन किया और उनसे जुड़ी जानकारियों को समझने का प्रयास किया।
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने विशेष रुचि के साथ विभिन्न शहरों की वास्तुकला, सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय जीवन शैली के बारे में जानकारी प्राप्त की। डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित दृश्यों ने उन्हें वास्तविक यात्रा जैसा अनुभव प्रदान किया। कई विद्यार्थियों ने शहरों से संबंधित प्रश्न पूछे तथा अपने विचार साझा किए। इस संवादात्मक प्रक्रिया ने उनकी जिज्ञासा, अवलोकन क्षमता और सीखने के प्रति रुचि को और अधिक प्रोत्साहित किया।
इस गतिविधि का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि विद्यार्थियों को **भाषा और संस्कृति के पारस्परिक संबंध** को समझने का अवसर मिला। शिक्षकों ने समझाया कि प्रत्येक शहर की अपनी सांस्कृतिक पहचान होती है और भाषा उस पहचान को अभिव्यक्त करने का प्रमुख माध्यम है। विद्यार्थियों ने यह जाना कि भारत की विविध भाषाएँ और संस्कृतियाँ हमारे राष्ट्रीय जीवन को समृद्ध और जीवंत बनाती हैं।
वर्चुअल सिटी टूर गतिविधि ने विद्यार्थियों को **डिजिटल साक्षरता, भौगोलिक समझ और सांस्कृतिक जागरूकता** से भी जोड़ने का कार्य किया। तकनीक आधारित शिक्षण की इस पहल ने यह सिद्ध किया कि शिक्षा को रोचक, प्रभावी और व्यवहारिक बनाने में डिजिटल माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों ने न केवल नए स्थानों के बारे में जाना, बल्कि यह भी अनुभव किया कि तकनीक के माध्यम से सीखना कितना प्रेरणादायक और आनंददायक हो सकता है।
विद्यालय के **प्रधानाचार्य श्री सुभाष चंद त्यागी** ने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के ज्ञान के दायरे को विस्तृत करती हैं और उन्हें नई सोच तथा आधुनिक तकनीक से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर विद्यार्थियों में भाषा कौशल, सांस्कृतिक समझ एवं रचनात्मक अधिगम को विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में **कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चमोला** के निर्देशन एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर **श्रीमती सुषमा देवी, श्री संजीव कुमार, श्री हरेंद्र रावत, श्री ब्रह्मपाल सिंह, श्री शाहजेब, श्री नौशाद तथा श्रीमती पूनम, श्री महेंद्र सिंह श्रीमती सुनीता और श्रीमती गीता** ने विद्यार्थियों को गतिविधियों में मार्गदर्शन प्रदान करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए सीखने की प्रक्रिया को सरल, रोचक एवं अनुभवात्मक बनाने का प्रयास किया।
भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का तृतीय दिवस विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक समझ से परिपूर्ण अनुभव सिद्ध हुआ। विद्यार्थियों ने गतिविधि के प्रति अत्यधिक उत्साह व्यक्त किया तथा आगामी सत्रों में भी इसी प्रकार की नवाचारी गतिविधियों की अपेक्षा व्यक्त की। विद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।


