हरिद्वार।
गैण्डीखाता के गुज्जर बस्ती में वन गुज्जर अधिकार जनजाति सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना थे। मुख्य अतिथि का कार्यक्रम में वन गुज्जर समाज के लोगों द्वारा गर्म जोशी के साथ स्वागत सत्कार किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सफी लोधा ने उत्तराखंड के वन गुज्जरों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग उठाई तथा राजाजी टाईगर रिजर्व व कार्बेट टाइगर रिजर्व से गैण्डीखाता एवं पथरी विस्थापित वन गुज्जर को भूमि अधिकार दिलाने एवं राजाजी टाईगर रिजर्व से वंचित परिवारों का समुचित पुनर्वास करने एवं हरिद्वार डिवीजन के वन गुर्जरों का राजा जी टाइगर रिजर्व की भांति पुनर्वास किए जाने की मांग की है। सम्मेलन को संबोधित करते वन गुज्जर ट्राईबल युवा संगठन के अध्यक्ष अमीर हमजा ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत अधिकार दिलाने एवं अतिक्रमण के नाम पर वन गुज्जरों पर हो रही कार्रवाई को रोकने की मांग की है। कुमाऊं मंडल से पहुंचे काशिम खटाना ने कहा कि कुमाऊं मंडल में वन गुज्जरों को अतिक्रमण के नाम पर प्रताडि$त किया जा रहा है। जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए और जब तक वन गुर्जरों का पुनर्वास न हो तब तक पूर्व की भांति यथा स्थिति रखी जाये। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा वन गुज्जरों की समस्याओ को राज्य व केंद्र सरकार के द्वारा समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 70 सालों से वन गुज्जरों के अधिकारों के साथ खिलवाड किया है, और अपना वोट बैंक तक ही सीमित रखा है, जिसमें कांग्रेस ने वन गुज्जरों की मुख्य समस्याओ पर कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने वन गुज्जरों को ज्यादा से ज्यादा संख्या मे भाजपा से जुडने की अपील की है। सांसद खटाना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश के गुज्जरों के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार ने गुज्जरों को पहली बार राजनीतिक आरक्षण दिया गया है। कहा कि आप लोग भाजपा के साथ जुडेगे तो यकीनन आप लोगों के विकास में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के वन गुज्जरों की समस्याओ के लिए हम उत्तराखंड सरकार से मिलकर समाधान करवाने की कोशिश करेंगे तथा साथ ही केंद्र सरकार को अवगत करवाकर उनका समाधान करने का हर संभव प्रयास करेंगे। सम्मेलन मुख्य रूप से नूर आलम कसाना, हाफिज बशीर चौहान, शमशेर कसाना, गुलाम दीन कसाना, फिरोज चौहान, गुलाम नबी लोधा, नूर आलम चेची, शमशेर भडाना, शमशाद बानिया, अमानत चेची, इशाक बानिया, गनी कसाना, यूसुफ बानिया, आलमगीर चेची, गुलाम नबी कसाना आदि वन गुज्जर समुदाय के लोग उपस्थित रहे।

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