गंगा नदी में 1 लाख से अधिक मत्स्य अंगुलिकाओं का संचय किया गया।

हरिद्वार

गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में मात्स्यिकी संरक्षण एवं संवर्धन अभियान के तहत मत्स्य विभाग हरिद्वार द्वारा भारत सरकार के राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड द्वारा संचालित रिवर रैंचिंग कार्यकम के तहत दिनांक 14 अगस्त 2024 को स्थान चण्डी घाट पर आयोजित कार्यक्रम में गंगा नदी में 1 लाख से अधिक मत्स्य अंगुलिकाओं का संचय किया गया।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग हरिद्वार की सहायक निदेशक गरिमा मिश्रा द्वारा गंगा नदी के पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित करते हुए कहा गया कि गंगा नदी के पारिस्थितिक तंत्र को बचाने के लिए गंगा में प्राकृतिक रूप से विद्यमान मछली की प्रजातियों का संरक्षण एवं संवर्धन अति आवश्यक है एवं विभाग भारत सरकार के सहयोग से रिवर रैंचिंग कार्यक्रम के माध्यम से इस दिशा में निरन्तर प्रयासरत है।

इस अवसर पर उपस्थित एवं एक लंबे समय से गंगा संरक्षण अभियान से जुड़े महंत जूना अखाड़ा शुभम गिरी एवं दिव्य प्रेम सेवा मिशन के लक्ष्मण झा द्वारा गंगा संरक्षण अभियान में मत्स्य विभाग के अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा गया कि गंगा नदी में मत्स्य अंगुलिका संचय कार्यक्रम के माध्यम से गंगा संरक्षण अभियान में भागीदारी उनके लिये परम सौभाग्य का विषय है एवं मत्स्य संरक्षण कार्यक्रम को आगे भी संत समाज का भरपूर सहयोग प्राप्त होता रहेगा।
कार्यक्रम में नमामि गंगे अभियान से जुड़े गंगा प्रहरी मनोज निषाद एवं विकास कुमार द्वारा गंगा संरक्षण के अपने अनुभवों को साझा करते हुए व्यक्त किया गया कि गंगा नदी के संरक्षण के लिये गंगा की जैव विविधता का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है एवं इस दिशा में गंगा नदी में मत्स्य अंगुलिका संचय एक ऐसा प्रयास है जिसके सकारात्मक एवं दूरगामी परिणाम निकट भविष्य में दिखाई देंगे।
मत्स्य अंगुलिका संचय कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा अपनी सहभागिता की गयी। इस अवसर पर व्यापार मण्डल अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार एव अरुण कश्यप द्वारा कहा गया कि मत्स्य संचय कार्यक्रम से जुड़कर वे इसकी महत्ता से परिचित हुए हैं और उनके द्वारा अपने स्तर से समाज के विभिन्न वर्गों को इस दिशा में प्रेरित करने का प्रयास किया जायेगा। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व उपाध्यक्ष जिला मत्स्य फेडरेशन नागसिंह कश्यप द्वारा विभागीय प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस अभियान को निरन्तर जारी रखने की अपेक्षा की गयी।

मत्स्य विभाग के फील्ड कर्मचारियों श्री जयप्रकाश, राजबीर सिंह, अमित पैन्यूली, श्री देवेश मिश्रा, प्रियंका रासो, अनुराग सेमवाल, कु० रेनू बेरिया, श्री नरेश प्रसाद, चैत सिंह, चन्द्रपाल, कु० स्नेहा आदि एवं विभिन्न विकासखण्डों से आये सैकड़ों मत्स्य पालकों द्वारा कार्यक्रम में सहभागिता की गयी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर समस्त व्यक्तियों द्वारा गंगा नदी में मत्स्य संरक्षण एवं संवर्धन अभियान को इसी तरह आगे भी जारी रखने का संकल्प लेने के साथ साथ समाज के विभिन्न वर्गों एवं हितधारकों को इस अभियान से जोड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गयी।

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