‘देहरादून
उत्तराखण्ड राज्य को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में यूपीसीएल निरन्तर प्रयासरत है। इसी क्रम में ‘‘पीएम सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना’’ के अंतर्गत प्रदेशभर में उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटाॅप सोलर संयत्रों की स्थापना हेतु यूपीसीएल नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ;डपदपेजतल व िछमू ंदक त्मदमूंइसम म्दमतहलद्ध द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार उत्तराखण्ड ने 1 से 6 मई 2026 के बीच रूफटाॅप सोलर इंस्टॉलेशन में पर्वतीय राज्यों की श्रेणी में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस अवधि में राज्य में 1,101 सोलर संयत्र स्थापित किए गए, जो अन्य राज्यों की तुलना में उल्लेखनीय उपलब्धि है।
राज्य में अब तक कुल 80,524 रूफटाॅप सोलर संयत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 290.91 मेगावाट तक पहुंच गई है। यह संशोधित लक्ष्य का लगभग 91ः है। उल्लेखनीय है कि इस सफलता में 23,367 उपभोक्ताओं को बिजली के बिल से पूर्ण आजादी मिल चुकी है अथार्त लगभग 42.2ः उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो चुका है, जिससे आम जनता को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है।
कुल स्थापित प्लांट ;8 मई 2026द्ध
80ए524
कुल स्थापित क्षमता
290ण्91 डॅ
शून्य बिजली बिल वाले उपभोक्ता
42ण्2ः
केंद्रीय सब्सिडी ;अब तकद्ध
₹413ण्50 करोड़ प्रारम्भ में राज्य का लक्ष्य 40,000 संयत्र स्थापित करने का था, जिसे बढ़ाकर 88,000 से अधिक किया गया। तीव्र क्रियानवयन एवं जन-उत्साह के कारण यह उपलब्धि संभव हो सकी है। साथ ही, उत्तराखण्ड सौर नीति 2023 के अन्तर्गत निर्धारित 250 मेगावाट आवासीय सोलर लक्ष्य को राज्य ने निर्धारित समय से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व ही प्राप्त कर लिया है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
यूपीसीएल द्वारा सोलर आवेदन की प्रक्रिया को सरल एवं पूर्णतः आॅनलाइन बनाया गया है, साथ ही ।नजव ज्थ्त्ए शीघ्र मीटर परीक्षण एवं स्थापना जैसी सुविधाओं के माध्यम से न्यूनतम समय में संयत्र स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 885 से अधिक पंजीकृत वेन्डर्स इस कार्य में सक्रिय हैं।
‘‘पीएम सूर्य घररू मुफ्त बिजली योजना’’ के अन्तर्गत उपभोक्ताओं को केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सबसिडी भी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर ऊर्जा को अपनाना और अधिक सुलभ हो गया है।
प्रबन्ध निदेषक महोदय के निर्देषन में योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु श्री आषीश अरोड़ा, मुख्य अभियन्ता (जानपद) द्वारा सोलर सैल के नोडल अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रभावी नीति, सुशासन एवं जनसहभागिता के समन्वय से उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य भी ऊर्जा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बन सकते हैं। यूपीसीएल भविष्य में भी इस दिशा में कार्य करते हुए राज्य को “ग्रीन एनर्जी स्टेट” बनाने हेतु प्रतिबद्ध है।

