हरिद्वार-हरिद्वार नगर निगम ने आवारा गोवंश छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। हाल ही में नगर निगम क्षेत्र के सुभाष घाट पर एक गोवंश आवारा अवस्था में घूमता हुआ पाया गया। जांच के दौरान उसके कान में लगे टैग के आधार पर मालिक की पहचान की गई। स्थलीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित व्यक्ति द्वारा गोवंश को खुले में छोड़ दिया गया था, जिसके कारण वह नगर क्षेत्र में आवारा घूम रहा था।
नगर निगम के अनुसार, इस प्रकार से पशुओं को सड़क पर छोड़ना न केवल श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं और यातायात अवरोध जैसी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखण्ड गोवंश संरक्षण अधिनियम, 2007 की धारा-7 के अंतर्गत गोवंश को आवारा छोड़ना प्रतिबंधित है तथा धारा-11 के तहत ऐसे मामलों में दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई का प्रावधान है।
उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी द्वारा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस को विधिक कार्रवाई हेतु पत्र भेजा गया है। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति अपने पशुओं को आवारा छोड़ता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ भी इसी प्रकार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को बांधकर रखें तथा उन्हें सड़कों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर खुला न छोड़ें, ताकि शहर की व्यवस्था, यातायात और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे।


