हरिद्वार। सोमवती अमावस्या के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक स्नान पर्व में करीब साढ़े 76 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद नगर निगम हरिद्वार ने पूरे मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखा और स्नान संपन्न होने के बाद रातभर विशेष अभियान चलाकर सभी प्रमुख घाटों, मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों की व्यापक सफाई सुनिश्चित की। 

नगर निगम ने स्नान पर्व से पहले ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली थी। 14 और 15 जून को रात्रिकालीन सफाई के लिए अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था की गई तथा विभिन्न घाटों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त मैनपावर तैनात की गई। योजना का उद्देश्य था कि स्नान समाप्त होते ही सफाई अभियान शुरू कर अधिकतम कार्य रात में ही पूरा कर लिया जाए।
स्नान के दौरान जब विभिन्न रूटों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण कूड़ा उठाने वाले वाहनों की आवाजाही सीमित हो गई, तब नगर निगम ने मैनुअल सफाई व्यवस्था लागू की। घाटों और मार्गों पर तैनात सफाई कर्मियों ने कचरे को तत्काल एकत्रित कर कम्पोस्टेबल गार्बेज बैग्स में भरवाया, ताकि कहीं भी कूड़े के ढेर दिखाई न दें और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए घाटों पर जगह-जगह विशेष सफाई दल लगातार सक्रिय रहे।
नगर निगम की प्रभावी व्यवस्था का ही परिणाम रहा कि पूरे स्नान पर्व के दौरान एक भी आवारा पशु श्रद्धालुओं के आवागमन या स्नान व्यवस्था में बाधा नहीं बना। निगम की टीमों ने स्वच्छता के साथ-साथ पशु नियंत्रण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी बनाए रखी।
पुलिस प्रशासन से वाहनों की अनुमति मिलते ही रात करीब 9 बजे विशेष स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया गया। विष्णु घाट, अलकनंदा घाट, सुभाष घाट, नई घाट, मालवीय घाट सहित सभी प्रमुख स्नान स्थलों पर युद्धस्तर पर सफाई कार्य चलाया गया। नगर निगम की टीम ने पूरी रात कार्य करते हुए लगभग 200 टन कचरा एकत्रित कर उसका निस्तारण किया, जिसके लिए करीब 90 ट्रैक्टर-ट्रॉली कचरा उठाया गया।
करीब 400 सफाई कर्मियों ने अधिकारियों के निर्देशन में पूरी रात मुस्तैदी के साथ कार्य किया। तड़के 4 बजे तक सभी प्रमुख घाटों, मार्गों और सार्वजनिक स्थलों से कचरा हटाकर व्यापक सफाई अभियान पूरा कर लिया गया। सुबह तक शहर के प्रमुख क्षेत्र पुनः स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई देने लगे।
नगर आयुक्त नंदन कुमार (आईएएस) के निर्देशन में पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की गई। अभियान के दौरान उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल सहित नगर निगम की संपूर्ण स्वच्छता टीम सक्रिय रही और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व संख्या को देखते हुए पूर्व नियोजन, अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता, मैनुअल सफाई व्यवस्था, कम्पोस्टेबल गार्बेज बैग्स के उपयोग तथा सफाई कर्मियों की अथक मेहनत के बल पर पूरे आयोजन के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सफलता मिली। स्नान पर्व के बाद रातभर चलाया गया यह विशेष अभियान नगर निगम की बेहतर कार्ययोजना और त्वरित क्रियान्वयन का उदाहरण बनकर सामने आया।


