हरिद्वार समाचार– मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन के आदेशों के दृष्टिगत जन संवाद तथा जन समस्याओं के समाधान की व्यवस्था को सुदृढ़ किये जाने तथा जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जनपद स्तर, तहसील स्तर, विकास खण्ड आदि स्तर पर सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन जन शिकायतों की सुनवाई करते हुए प्राप्त होने वाली जन शिकायतों का निस्तारण किया जाना नितान्त आवश्यक है।
उक्त के अनुपालन में जिलाधिकारी हरिद्वार श्री विनय शंकर पाण्डेय ने आदेश जारी किये हैं कि तहसील/उप खण्ड स्तर/विकास खण्ड स्तर पर समस्त विभागीय अधिकारियांे यथा- तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी/तहसीलदार, अधिशासी अभियन्ता/सहायक अभियन्ता, जल संस्थान/जल निगम/विद्युत/लो0नि0वि0/सिंचाई, खण्ड विकास स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी, नगर निगम स्तर पर नगर आयुक्त/सहायक नगर आयुक्त, नगरपालिका/नगर पंचायत स्तर पर अधिशासी अधिकारी, खाद्य आपूर्ति विभाग के पूर्ति निरीक्षक आदि अपने-अपने कार्यालयों में प्रतिदिन उपस्थित रहते हुए पूर्वाह्न 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक जनता की समस्याओं को सुनेंगे, जिसका सूचनापट् अपने-अपने कार्यालयों के बाहर प्रदर्शित, स्थापित करेंगे तथा प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाना सुनिश्चित करेंगें यदि अपरिहार्य कारणों से किसी दिवस/समयावधि में व्यक्तिगत उपलब्धता संभव न हो तो जनसम्पर्क हेतु किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि तहसील/उप खण्ड स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण तहसील/उपखण्ड स्तर पर नियत समयान्तर्गत अनिवार्य रूप से हो जाए तथा जन शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापरक हो।
तहसील/उप मण्डल/उपखण्ड स्तर पर समस्त विभागीय अधिकारी प्रत्येक सप्ताह कार्यालय में प्राप्त होने वाली जन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए प्रत्येक शनिवार की अपराह्न 02ः00 बजे तक सूचना निर्धारित प्रारूप पर प्रभारी अधिकारी (शिकायत)/शिकायत सहायक अनुभाग, कलेक्ट्रेट को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायेंगे।
जिलाधिकारी कार्यालय हरिद्वार में श्री गोपाल सिंह चैहान, डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार इसके प्रभारी अधिकारी होंगे, जो प्रत्येक 15 दिन में तहसील/उप खण्ड स्तर से प्राप्त स्थिति की समीक्षा करते हुए संकलित सूचना जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।
जिलाधिकारी ने यह भी अवगत कराया कि संज्ञान में आया है कि तहसील/उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों द्वारा शासन के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है, अर्थात उनके द्वारा प्रतिदिन पूर्वाह्न 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक अपने कार्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की जा रही है जिस कारण आम जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाए कि विकास परक योजना जिस उद्देश्य के लिए लागू है उसका लाभ योजना के अन्तर्गत चिन्हित व्यक्ति तक पहुंचे। तहसील/उपखण्ड स्तर पर किसी भी योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। आम जनमानस की समस्याओं/शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापरक हो तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायत का निस्तारण शिकायतकत्र्ता की उपस्थिति में हो तथा अमुक व्यक्ति शिकायत के निस्तारण से पूर्णंतः संतुष्ट हो। विकास/निर्माण कार्याें की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि इस सम्बन्ध में जनता को शिकायत का अवसर न मिले।
जिलाधिकारी हरिद्वार श्री विनय शंकर पाण्डेय ने समस्त विभागाध्यक्षों/जिला स्तरीय, तहसील/उप खण्ड स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इस सम्बन्ध में कियी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी
आपदा की दृष्टिगत मानसून से पूर्व सभी विभाग अपने से सम्बन्धित तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाए अपर जिलाधिकारी
*हरिद्वार 09 मई 2026* आपदा प्रबन्धन पूर्व तैयारी के दृष्टिगत अपरजिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता द्वारा मानसून सत्र से पूर्व आपदा न्यूनीकरण एवं नान एस०डी०आर०एफ० के तहत समस्त…

