सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा जिला कारागार, देहरादून में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों द्वारा पूछे गये सभी प्रश्नों का उत्तर दिया गया।

देहरादून  समाचार– सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती नेहा कुशवाहा,  द्वारा जिला कारागार, देहरादून में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों के लिये जिला कारागार, देहरादून में निरीक्षण किया गया साथ ही शिविर का आयोजन भी किया गया।  सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा जिला कारागार, देहरादून मेंे ऐसे सभी विचाराधीन बंदीगण, जिनके मुकदमों का निस्तारण अभिभावक् सौदेबाजी के आधार पर किया जा सकता है, को अभिभावक सौदेबाजी  (Plea Bargaining)  की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। उक्त बंदीगण को यह भी बताया गया कि अभिभावक सौदेबाजी के लिये अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत आवेदन मंे कथित कथनों या तथ्यों का प्रयोग अभिभावक सौदेबाजी के अलावा किसी अन्य प्रयोजन हेतु नहीं किया जा सकता।
उक्त शिविर मंे यह भी बताया गया कि अभिभावक सौदेबाजी  (Plea Bargaining)  के सम्बंध में धारा 265-क से 265-ठ दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 तक के प्रावधान लागू होते है। धारा 265-क के अनुसार मृत्यु या आजीवन कारावास या 7 वर्ष से अधिक अवधि के कारावास से दण्डनीय अपराध या किसी स्त्री अथवा 14 वर्ष से कम आयु के शिशु के विरूद्व धारित अपराध या ऐसा अपराध जो देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है, के सिवाय अन्य किसी भी अपराध मंे निरूद्ध विचाराधीन बंदियों के सम्बंध में अभिभावक सौदेबाजी  (Plea Bargaining)  के आधार पर भी मुकदमे का निस्तारण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा जिला कारागार, देहरादून में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों को यह भी अवगत कराया गया कि यदि उनके वाद की पैरवी हेतु उनके पास अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून में निशुल्क अधिवक्ता की सुविधा हेतु प्रार्थनापत्र प्रेषित कर अपनी समस्या का निवारण कर सकते हैं। अंत में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा जिला कारागार, देहरादून में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों द्वारा पूछे गये सभी प्रश्नों का उत्तर दिया गया।
उक्त विजिट के दौरान जिला कारागार, देहरादून में महिला बैरक एवं पुरूष बैरक में निरीक्षण के दौरान बंदियों से यह पूछा गया कि यदि किसी बंदी के पास अपने वाद में पैरवी कराये जाने हेतु अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया गया है या फिर नियुक्त करने में असमर्थ है तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन प्रस्तुत कर निःशुल्क अधिवक्ता अपने वाद हेतु प्राप्त कर सकते है। विजिट के दौरान जिला कारगार, देहरादून में महिला बैरक एवं पुरूष बैरक में बन्दीयों के लिए उपलब्ध शौचालयों का भी निरीक्षण किया गया, जिनकी साफ-सफाई हेतु दिशा-निर्देश दिये गये।  जिला कारगार, देहरादून में महिला बैरक एवं पुरूष बैरक में बन्दीयों के लिए पाकशाला में उचित व्यवस्था पायी गयी एवं जेल में बंदियों हेतु कैन्टीन की सुविधा भी उपलब्ध है जिसमें न्यूनतम शुल्क अदा कर वह कैन्टीन कीं सुविधा ले सकते हैं।  जिला कारगार, देहरादून में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा बताया गया कि जनपद देहरादून में मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के दिशा निर्देश अनुसार लीगल एड डिफेन्स काॅउन्सिल सिस्टम का शुभाम्भ मार्च 2020 में हो गया है जिसमें जेल में निरूद्ध बंदीयों/ गरीब व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता दी जाती है जिनके मुकदमें सत्र न्यायालय में विचाराधीन है अथवा फौजदारी मुकदमों की अपील/ revision     हेतु निःशुल्क विधिक सहायता लीगल एड  डिफेन्स काॅउन्सिल सिस्टम द्वारा दी जाती है।  सुविधा के दृष्टिगत सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा जेलर, जिला कारागार, देहरादून के साथ चर्चा की गयी कि जिला कारागार, देहरादून में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों को यदि अपने परिवारजन से वार्ता करनी हो तो उसके लिये क्या प्रक्रिया है, जिस पर जेलर, जिला कारागार, देहरादून द्वारा प्रक्रिया बतायी गयी कि यदि किसी बंदी को अपने परिवारजन से जिला कारागार में उपलब्ध पी0सी0ओ0 से वार्ता करनी हो तो उसके परिवारजन का नम्बर पोस्टपेड होना अनिवार्य है तभी वह उक्त पी0सी0ओ0 का लाभ ले सकता है। जिसके उपरांत सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा जेलर, जिला कारागार, देहरादून को अवगत कराया कि वह उक्त बंदियों की सूची एवं उनके परिवारजन के मोबाईल नम्बर सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून को प्रेषित करें ताकि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून मंे नियुक्त पराविधिक कार्यकर्तागण द्वारा उक्त प्रक्रिया के सम्बंध में बंदियों के परिवारजन को भली-भांति  अवगत कराया जा सके जिससे जिला कारागार में निरूद्ध बंदियों की असुविधा को दूर किया जा सके

Related Posts

सी एम ओ ने सभी अस्पतालों में पांच बेड पेंशनर्स के लिए आरक्षित रखने की घोषणा भी की है।

हरिद्वार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आर के सिंह ने पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों को उनके निदान व उपचार में प्राथमिकता देने और किसी भी तरह की समस्या नहीं होने देने…

प्रथम चरण, घर-घर होगा मकान सूचीकरण का कार्य शुरु

  *हरिद्वार 26 अप्रैल 2026* जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अवगत कराया है कि भारत की जनगणना-2027 के अंतर्गत प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) का कार्य जनपद हरिद्वार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *