आयुष्मान कार्ड यानी बुरे वक्त का सच्चा साथी

 देहरादून समाचार–कहते हैं बुरा वक्त सबसे बड़ा जादूगर होता है। एक ही झटके में वह अच्छे अच्छे करीबियों के चेहरों से नकाब हटा देता है। सच में, बुरे वक्त में तब दूरियों का अहसास होता है जब हर कोई कन्नी काटने लगता है। लेकिन आयुष्मान कार्ड एक ऐसा साथी है जो बुरे वक्त में भी साथ नहीं छोड़ता, बल्कि बुरे वक्त में ही काम आता है। इसलिए इस पर देर करना किसी भी नजरिए से समझदारी नहीं है।

आज का दौर प्रतिस्पर्द्धा का दौर है, और इस प्रतिस्पर्द्धा में धन के अपने मायने होते हैं। अगर आपकी आर्थिकी बेहतर है तो आपका वक्त अच्छा है। लेकिन यदि किसी वजह से आर्थिकी खराब हुई तो वक्त स्वतः ही खराब हो जाता है। इससे पहले कई उदाहरण ऐसे हुए हैं जिनके अच्छे दिनों को उनकी बीमारियों ने संकट का दौर बना डाला।

जीवन भर की पूंजी इलाज में खर्च होने के उदाहरणों की भी कमी नहीं है। अपने वक्त पर नजदीकी और रिस्तेदार भी इस लिए किनारा करते हैं कि कहीं उपचार के खर्च में सहयोग ना करना पड़े। यहां किसी को दोष देना उचित नहीं होगा, क्योंकि हर किसी की अपनी मजबूरी होती है। लेकिन जबसे आयुष्मान योजना शुरू हुई तब से बुरे वक्त में एक ऐसा साथ लोगों को मिल गया है जो हर दम हर हाल में साथ देगा।

आयुष्मान योजना के अंतर्गत राज्य के भीतर 213 अस्पताल (111 प्राइवेट, 102  सरकारी) एवं राज्य के बाहर 27 हजार से अधिक अस्पतालों में 1600 प्रकार की रोग अवस्थाओं में निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। इसलिए समझदारी इसी में है कि हर कोई अपना आयुष्मान कार्ड बनाए। हालांकि प्रसन्नता इस बात की है कि प्रदेश में अबतक 44 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं और 3 लाख 20 हजार से ऊपर बार आयुष्मान कार्ड धारक योजना का लाभ भी उठा चुके हैं। इस उपचार पर राज्य सरकार 4 अरब 10 करोड़  रुपए से अधिक की धनराशि भी खर्च कर चुकी है।

मुफ्त में बनने वाले आयुष्मान कार्ड में नफा ही नफा है। जिन्होंने नहीं बनाए उन्हें समय रहते आयुष्मान कार्ड बनाना चाहिए। क्योंकि बुरे वक्त में जो साथ रहता वही सच्चा साथी होता है। तो देर मत की कीजिए। अपने नजदीक के किसी भी जन सेवा केंद्र (CSC Center) या यूटीआई केंद्र (UTI Center) पर जाइए, और बना लाइए अपने बुरे वक्त के साथी आयुष्मान कार्ड को।

Related Posts

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में UPCL के हरिद्वार कार्यालय में स्वास्थ्य शिविर आयोजित

हरिद्वार, 13 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के हरिद्वार कार्यालय में 13 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य…

कांवड़ मेले में मील का पत्थर साबित हो रही स्वास्थ्य विभाग की पहली बार लगी मेडिकल मोबाइल यूनिट

  *हरिद्वार 05 अगस्त 2026* कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार द्वारा पहली बार शुरू की गई…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *