दिनांकः 23 जुलाई, 2026
देहरादून
उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक श्री पी०सी० ध्यानी की अध्यक्षता में आज विद्युत सुरक्षा एवं दुर्घटना रोकथाम सम्बंधी एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ फील्ड स्तर से समस्त मुख्य अभियंता. अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए। बैठक में प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्मिकों एवं आमजन की सुरक्षा यूपीसीएल की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा विद्युत सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन कार्यस्थल पर सुरक्षा शपथ दिलाने हेतु भी निर्देशित किया गया।
प्रबंध निदेशक ने प्रदेश में विद्युत तंत्र के सुरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध संचालन के लिए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को विद्युत सुरक्षा मानकों (SOP) का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि किसी भी प्रकार का विद्युत कार्य निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, Permit to Work, Lock-Out/Tag-Out (LOTO) प्रणाली तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के उपयोग के साथ ही संपादित किया जाए।
बैठक में श्री ध्यानी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्युत दुर्घटना की किसी भी घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा तथा सम्बंधित क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता से लेकर अवर अभियन्ता तक सभी अपने कार्यक्षेत्र में होने वाली किसी भी विद्युत दुर्घटना के लिए उत्तरदायी होंगे। उन्होंने कहा कि सभी अधीक्षण अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से नियमित समीक्षा करें तथा सम्भावित जोखिमों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रबंध निदेशक ने मुख्य अभियंता श्री जसवंत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष विद्युत सुरक्षा ऑडिट समिति का गठन करने के निर्देश दिए। यह समिति प्रदेशभर में विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों, फीडरों एवं कार्यस्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) तथा विभागीय निर्देशों के अनुपालन का ऑडिट करेगी तथा आवश्यक सुधारात्मक सुझाव प्रस्तुत करेगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि सुरक्षा सम्बंधी दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन प्रत्येक स्तर पर हो।
वोल्टेज डिटेक्टर, डिस्चार्ज रॉड सहित सभी आवश्यक Personal Protective Equipment (PPE) के अनिवार्य उपयोग पर विशेष बल दिया। साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा उपकरण, रेस्क्यू किट, फर्स्ट एड सामग्री, अर्थ रॉड एवं त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Team) सदैव सक्रिय एवं तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि विशेषकर वर्षाकाल एवं आपदा की संभावित परिस्थितियों में विद्युत सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है। किसी भी विद्युत दुर्घटना, जनहानि अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल मुख्यालय को उपलब्ध कराते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में श्री ध्यानी ने कहा कि “सुरक्षा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। कोई भी कार्य इतना महत्वपूर्ण नहीं हो सकता कि उसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए किया जाए। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का दायित्व है कि वह स्वयं सुरक्षित रहे, अपने सहकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे तथा आमजन के जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।”


