हरिद्वार, 16 जुलाई 2026 – राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से आदर्श युवा समिति (आयुस) द्वारा प्रोत्साहित नवगुरुकुल फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के तत्वावधान में कृषि विभाग की मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत स्थापित हाई-टेक कस्टम हायरिंग सेंटर चिट्टी कोठी, डांडी इब्राहिमपुर, बहादराबाद में किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
मुख्य अतिथि कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी बहादराबाद श्री अमरेन्द्र चैधरी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक यंत्रों एवं वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से किसान कम लागत पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत में भी कमी ला सकते हैं। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
लक्सर शुगर मिल के महाप्रबंधक डॉ. बी. एस. तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि गन्ना किसानों को गुणवत्ता युक्त उत्पादन एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरण से खेती की लागत कम होगी, समय की बचत होगी तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने और एफपीओ के माध्यम से संगठित होकर कार्य करने का आग्रह किया।
आदर्श युवा समिति के अध्यक्ष श्री लखबीर सिंह ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए आधुनिक तकनीक, सामूहिक प्रयास एवं मजबूत किसान उत्पादक संगठन समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि आदर्श युवा समिति नाबार्ड एवं विभिन्न विभागों के सहयोग से किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन नवगुरुकुल फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री नितिन बडोनी ने किया।
कार्यक्रम में कृषि विभाग से राजकुमार सहायक कृषि अधिकारी, अश्वनी कुमार इंजीनियर, आयुस से उपेन्द्र सिंह, अनमोल सिंह, नवगुरूकुल के बोर्ड आफ डारेक्टर अंग्रेज सिंह, कवलजीत सिंह, रमनदीप सिंह, भूपेन्द्र सिंह, त्रिलोचन सिंह, संतोख सिंह, दलजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, हरपिन्द्र सिंह, एवं किसान निशाबर सिंह, परमजीत सिंह, साहब सिह, सुरजीत सिंह, जोगेन्द्र सिंह, पूरण सिंह राणा, प्रवीन, छवेग सिह, समीर आदि किसानो द्वारा सहभागिता की गई।



