उद्यमियों ने सरकार से मांग की संकट से उबारने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो जिले की लगभग 80 फैक्ट्रीयां बंद हो जाएंगी

 

 हरिद्वार समाचार– सिडकुल मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएश्न के कांफ्रेंस हाल में कोरोगेटेड एसोसिएशन की बैठक संपन्न हुई। जिसमें सभी उद्यमियों ने सरकार से मांग की संकट से उबारने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो जिले की लगभग 80 फैक्ट्रीयां बंद हो जाएंगी। जिसके चलते लगभग पांच हजार परिवार बेरोजगार हो जाएंगे तथा उनके सामने भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उद्यमी बैंक लोन नहीं चुका पाएंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी खुराना ने कहा कि कोरोगेटेड बाॅक्स उद्योग पेपर की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण संकट में फंसा हुआ है। पेपर के दामों में अब तक 80 प्रतिशत वृद्धि हो चुकी है। लागत बढ़ने के कारण मुनाफा खत्म हो रहा है। ऐसी स्थिति में उद्योगों को चलाना मुश्किल हो रहा है। पेपर मिल की मनमानी पर सरकार अंकुश नहीं लगा पा रही है। जिन्हें माल सप्लाई कर रहे हैं वे रेट बढ़ाने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में उद्योगों को बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। इसका सीधा असर उद्योगों से जुड़े लोगों पर पड़ने वाला है। उद्योग बंद होंगे तो बेरोजगारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पेपर का रेट बढ़ने में सरकार की गलत नीतियों का भी असर है। देश की आवश्यकता पूरी करने के बजाए चीन को पेपर एवं पप्ल का निर्यात करना उचित नहीं है। इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। बैठक में उद्यमियांे ने निर्णय लिया कि इसके विरोध में 3 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। यदि पेपर मिल की मनमानी बंद नहीं हुई तो लंबी हड़ताल भी की जा सकती है। जिससे कंपनियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैठक में बीके सिंगला, चन्दन कोचर, संदीप जैन, अभिनव शर्मा, अभिनव गुप्ता, रंजीत जालान, अभिषेक अग्रवाल, ब्रिजेश यादव, विभव भटनागर, जगमोहन स्वामी, अभिषेक पारिख, अभिनव गोयल, अंशुल शर्मा आदि मौजूद रहे।

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