विश्व युवा कौशल दिवस पर पतंजलि विवि में जोश और जागरूकता का संगम

 

हरिद्वार, 17 जुलाई 2025। पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार में 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस पर एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दिन विशेष रूप से युवाओं के कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन, और राष्ट्र सेवा की भावना को जागृत करने हेतु समर्पित रहा। विश्वविद्यालय के समस्त विभागों के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. मयंक कुमार अग्रवाल, पतंजलि ट्रस्ट के मुख्य महाप्रबंधक ब्रिगेडियर(से.नि.) टी.सी. मल्होत्रा, डीन अकादमिक प्रो. ऋत्विक बिसारिया, एवं एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. शिवकुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने युवाओं को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए कौशल आधारित शिक्षा अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति ने अपने संबोधन में वर्तमान युग को कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं तकनीकी क्रांति का युग बताते हुए कहा कि युवाओं को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ व्यवहारिक, नैतिक और सामाजिक कौशलों का भी विकास करना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कौशल न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाते हैं, बल्कि आत्म-निर्भरता और नेतृत्व क्षमता को भी सुदृढ़ करते हैं।
इस अवसर पर पतंजलि ट्रस्ट के मुख्य महाप्रबंधक ब्रिगेडियर (से.नि.) टी.सी. मल्होत्रा ने भारतीय सेना में चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेना में भर्ती सिर्फ शारीरिक बल पर आधारित नहीं है, बल्कि उसमें मानसिक संतुलन, निर्णय क्षमता, नेतृत्व कौशल और नैतिक मूल्यों का भी विशेष महत्व है। उनके प्रेरणादायक उद्बोधन ने छात्रों में देशभक्ति और अनुशासन के प्रति गहरी समझ उत्पन्न की। साथ ही, उन्होंने छात्रों के विविध प्रश्नों का उत्तर सहजता और प्रेरणा से दिया। वहीं डीन अकादमिक प्रो. ऋत्विक बिसारिया ने संचार, नेतृत्व, समस्या समाधान, और टीमवर्क जैसे कौशलों की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कैसे ये क्षमताएँ किसी भी क्षेत्र में सफलता की कुंजी बनती हैं। उन्होंने छात्रों को कौशल के साथ मूल्य आधारित दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए युवा स्किल डे रैली, वाद-विवाद प्रतियोगिता, क्विज़, पोस्टर प्रदर्शनी, तथा पब्लिसिटी डिस्प्ले व्हीकल जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को भारतीय सेना की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण पद्धति, और रोजगार के अवसरों की वास्तविक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता नरेन्द्री सैनी, डॉ. विपिन दूबे, डॉ. सांवर सिंह, एवं डॉ. अंकुर सहित विश्वविद्यालय के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपेक्षा चौहान तथा सीनियर अंडर ऑफिसर ध्रुव देव ने प्रभावशाली ढंग से किया।

यह आयोजन युवाओं में राष्ट्र सेवा, कौशल विकास और अनुशासन की भावना को न केवल सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि उनके भविष्य के लिए एक ठोस मार्गदर्शन भी प्रदान करने वाला बन गया। पतंजलि विश्वविद्यालय का यह प्रयास युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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