हरिद्वार सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक पर अनियमितताओं के आरोपों के चलते महाप्रबंधक पूरण सिंह राणा ने उनका वेतन रोकने सहित आहरण-वितरण के सभी अधिकार रोक दिए हैं। ये अधिकार अब महाप्रबंधक नियोजन को दे दिए गए हैं। साथ ही क्षेत्रीय प्रबंधक को एक माह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
महाप्रबंधक पूरणसिंह राणा ने यह भी तलब किया है कि नियमों की अवहेलना कैसे हुई और इस नुकसान की भरपाई संबंधित अधिकारी से ही क्यों न की जाए।
मामला बहादराबाद इंडस्ट्रियल एरिया के भूखंड संख्या डी-4, डी-5 और डी-6 के आवंटन और लीज से जुड़ा है। आरोप है कि आरएम ने बिना समुचित जांच के कब्जा प्रमाण पत्र और लीज प्रक्रिया एक साथ पूरी कर दी, जो नियमों के विपरीत है।
जांच में सामने आया कि डि-मर्जर नीति के तहत न्यूनतम 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र और अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्से का ही विभाजन संभव है, साथ ही शेष भूखंड तीन साल तक आवंटी के पास रहना चाहिए। इसके बावजूद पूरे भूखंड के ट्रांसफर की अनुमति दे दी गई।
5944.89 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इस भूखंड पर लागू दरों के आधार पर करीब 1.20 करोड़ रुपये की शासकीय क्षति का अनुमान है। बता दें कि हरिद्वार सिडकुल भी ऐसे मामलों से अछूता नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *