कन्या भ्रूण हत्या, भ्रूण लिंग जांच रोकने और अधिनियम की जागरूकता

 

हरिद्वार 26 मार्च, 2025।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० आर०के० सिंह की अध्यक्षता में कन्या भ्रूण हत्या, भ्रूण लिंग जांच रोकने और अधिनियम की जागरूकता को लेकर जनपद के समस्त अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों के चिकित्सकों के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पी०सी०पी०एन० डी०टी० अधिनियम की धाराओं का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी गयी एवं कार्यशाला में मौजूद सभी चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रसव पूर्व लिंग जांच करने वाले के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

बुद्धवार की शाम मध्य हरिद्वार स्थित एक होटल में आयोजित कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० आर०के० सिंह द्वारा पी०सी०पी०एन० डी०टी० अधिनिमय की धाराओं एवं नियमों का पालन करने के सम्बन्ध में विस्तृतरूप से चर्चा की गयी और अधिनियम की धारा-29 एवं नियम-9 के अनुसार किस प्रकार अभिलेखों का रखरखाव जैसे फार्म-एफ, नवीनीकरण सम्बन्धी न्यूनतम आर्हतायें, नियम-13 के अनुसार अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र में किये जाने वाले किसी भी प्रकार के परिवर्तन एवं बदलाव से एक माह पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को सूचित करना होगा। उन्होने कहा नियम के अनुसार रेडियोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञ को अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र में परिवर्तन की सूचना एक माह पूर्व प्रेषित कर, भौतिक सत्यापन के उपरान्त अनुमति लेना भी जरूरी है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पी०सी०पी०एन०डी०टी०, डा० अशोक कुमार तोमर द्वारा बताया, कि भ्रूण लिंग जांच रोकने हेतु जनपद में गतिमान मुखबिर योजना के तहत सूचना देने वाले एवं सहयोगी का इनाम जिलाधिकारी द्वारा दो लाख रूपये अनुमोदित किया गया है। उन्होने पी०सी०पी०एन०डी०टी० के अन्तर्गत चिकित्सकों के सम्मुख आने वाली समस्याओं का सरल तरीके से निदान किये जाने का आश्वासन दिया। जनपद में लिंगानुपात के आंकड़े शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में ठीक है, जिसे और बढ़ाये जाने हेतु विभाग द्वारा प्रयास किये जायेंगें।

जिला पी०सी०पी०एन०डी०टी० समन्वयक रवि सन्दल द्वारा बताया गया कि नियम अनुसार दिक्कतों से बचने के लिए गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउण्ड करने से पूर्व ही समस्त फार्म, रजिस्टर, रिकार्ड अपडेट कर लिये जायें।

कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले समस्त चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यशाला में डा० मनीष दत्त, डा० राजेश गुप्ता, डा० सन्दीप निगम, डा० यशपाल तोमर, डा० हिमवन्त बुदियाल, डा० राकेश, एडवोकेट फरमूद अली, डा० दिपेश चन्द्र प्रसाद, कनिका शर्मा, मनु शर्मा, कुलदीप बिष्ट के अलावा जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों के गणमान्य चिकित्सक मौजूद रहें।

 

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