हरिद्वार

अधिशासी अभियंता अतुल शर्मा ने अवगत कराया है की राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए मुज़फ्फरनगर–हरिद्वार रोड प्रोजेक्ट पर एक व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ट्रक चालकों, स्कूली बच्चों, ग्रामीणों एवं आम नागरिकों को सुरक्षित ड्राइविंग आदतों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन विशेष रूप से तैयार किए गए “रोड सेफ्टी सुरक्षा रथ” के माध्यम से किया गया, जिसमें ऑडियो एवं सार्वजनिक संबोधन प्रणाली स्थापित है। इस सुरक्षा रथ के जरिए सड़क सुरक्षा से संबंधित संदेशों का प्रसार ढाबों (सड़क किनारे भोजनालय), आसपास के गांवों, व्यस्त चौराहों तथा राजमार्ग के प्रमुख स्थलों पर किया इस पहल का औपचारिक शुभारंभ परियोजना प्रबंधक एवं एनएचआईटी दक्षिणी परियोजनाएं के अधिकारियों द्वारा बहादराबाद टोल प्लाज़ा से किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षित वाहन संचालन, यातायात नियमों के पालन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया।
इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।     https://youtu.be/hmdDceEgpeE?si=DBhF22g0OJJQJZi9

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भारी बारिश एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान का तत्काल आकलन करें अधिकारी: मदन कौशिक* *प्रभावित किसानों एवं अन्य पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश* *फसलों, पशुधन, आवास एवं अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का तत्काल स्थलीय सर्वेक्षण कर समयबद्ध राहत सुनिश्चित करने को कहा* *हरिद्वार 10 अक्टूबर 2026* प्रदेश में 09 अक्टूबर 2026 को हुई भारी बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को हुए व्यापक नुकसान तथा जन-धन एवं अन्य परिसंपत्तियों की क्षति को गंभीरता से लेते हुए पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने आपदा एवं पुनर्वास विभाग के सचिव को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने निर्देश दिए कि प्रदेश के समस्त जनपदों में संबंधित विभागीय अधिकारियों के माध्यम से तत्काल स्थलीय सर्वेक्षण कराया जाए। सर्वेक्षण के दौरान फसलों को हुए नुकसान के साथ-साथ पशुधन, आवास एवं अन्य परिसंपत्तियों की क्षति का भी आकलन किया जाए, ताकि प्रभावितों की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित किसानों एवं अन्य पीड़ितों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में संबंधित अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और नुकसान का सही आकलन सुनिश्चित करें। सर्वेक्षण एवं आकलन की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो, ताकि पात्र लोगों को समय पर राहत मिल सके। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित किसानों एवं अन्य पात्र व्यक्तियों को शासन के प्रचलित नियमों और निर्धारित मानकों के अनुरूप अनुमन्य मुआवजा एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि राहत वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए तथा वास्तविक प्रभावितों तक सहायता पहुंचाने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए राहत एवं सहायता से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों एवं अन्य पीड़ितों को कठिन परिस्थितियों में समय पर सहायता मिल सके।