खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों के साथ समीक्षा की।

देहरादून

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में धान क्रय को लेकर भारत सरकार द्वारा 08 लाख 30 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था जिसके सापेक्ष 06 लाख 39 हजार 259 मीट्रिक टन का धान क्रय किया गया है। उन्होंने कहा कि शेष लक्ष्य को 31 दिसम्बर 2023 तक पूर्ण करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि क्रय करने वाली ऐजेन्सियों को भी ससमय अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए इसपर गम्भीरता से कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को धान विक्रय करने में किसी तरह की परेशानी न हो तथा किसानों को उनके द्वारा चयनित स्थानों पर ही क्रय केन्द्र उपलब्ध कराये जाएं।

मंत्री ने कहा कि धान क्रय करने वाली 06 संस्थाओं में खाद्य विभाग द्वारा 65 प्रतिशत, यूसीएफ द्वारा 87 प्रतिशत, एनसीसीएफ द्वारा 17 प्रतिशत, यूसीसीएफ द्वारा 57 प्रतिशत, यूपीसीयू द्वारा 79 प्रतिशत तथा कमीशन ऐजेन्ट (कच्चा आढ़ती) द्वारा 78 प्रतिशत का धान क्रय किया गया है, जोकि सम्पूर्ण लक्ष्य के लगभग 77 प्रतिशत है। मंत्री ने कहा कि एनसीसीएफ द्वारा दिये गये लक्ष्य को पूर्ण न कर पाने के कारण एनसीसीएफ के लक्ष्य को निरस्त कर अन्य ऐजेन्सियों में समायोजित करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने यूपीसीयू के माध्यम से क्रय किये जाने वाले धान के भुगतान में मिल रही शिकायतों के कारण अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए निर्देश दिये।

मंत्री ने विभाग द्वारा किसानों को किये जाने वाले भुगतान की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों तथा क्रय केन्द्रों के शेष भुगतान के संबंध में रिपोर्ट तैयार की जाए जिससे किसानों को ससमय भुगतान किया जा सके।

मंत्री ने बताया कि राज्य में मंडुआ क्रय के लिए खाद्य विभाग द्वारा यूसीसीएफ को नामित किया गया है जिसके द्वारा लगभग 16 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 1313 कुन्तल मंडुआ क्रय किया गया है तथा किसानों को इसके सापेक्ष पूर्ण भुगतान भी किया जा चुका है।

खाद्य मंत्री ने बायोमैट्रिक व्यवस्था को और दुरूस्त करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इससे संबंधित टैण्डर प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने राशन डीलरों के शेष दो माह के भुगतान को भी जल्द से जल्द पूर्ण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने 72 घण्टे में किये जाने वाले भुगतान की पॉलिसी को अमल में लाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

इस अवसर पर सचिव, खाद्य, एल. फनई, अपर सचिव, खाद्य, रूचि मोहन रयाल, अपर आयुक्त, खाद्य, पी.एस. पांगती, संयुक्त आयुक्त, खाद्य, महेन्द्र सिंह बिसेन तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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