भगवान कपिल मुनि आदि सिद्धि और आदि विद्वान और सांख्य दर्शन के महान प्रवर्तक थे-श्रीमहंत रविन्द्रपुरी

विद्वान और सांख्य दर्शन के महान प्रवर्तक थे भगवान कपिल मुनि-श्रीमहंत रविन्द्रपुरी
हरिद्वार, 16 सितम्बर। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा है कि भगवान कपिल मुनि आदि सिद्धि और आदि विद्वान और सांख्य दर्शन के महान प्रवर्तक थे। जो प्रत्येक कल्प के आदि में मानवता के कल्याण के लिए अवतार लेते हैं। जिन्होंने कर्मकांड के विपरीत ज्ञान कांड को महत्व दिया और त्याग तपस्या एवं समाधि को भारतीय संस्कृति में प्रतिष्ठित कराया। कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की छावनी में आयोजित भगवान कपिल मुनि की जयंती पर संत समागम को संबोधित करते हुए श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि भगवान कपिल मुनि ने विकासवाद का सर्वप्रथम प्रतिपादन करके संसार को स्वाभाविक गति से उत्पन्न माना और जिनसे हमें धर्म परोपकार और प्रेम की सीख मिलती है। महानिर्वाणी अखाड़े के इष्ट देवता भगवान कपिल मुनि सभी के जीवन में खुशियां और उन्नति लेकर आए। संत समाज यही कामना करता है। श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी को जन्मदिन की बधाई दी और उनकी दीघार्यू की कामना की। मुखिया महंत भगतराम एवं कोठारी महंत जसविन्दर सिंह ने कहा कि कपिल मुनि महाराज भारत के सर्वश्रेष्ठ ऋषिओ में से एक थे। जिन्हें जन्म से ही सारी सिद्धियां प्राप्त थी और जो अग्नि के साक्षात अवतार माने जाते थ।े ऐसे महान तपस्वी एवं प्रभावशाली ऋषि-मुनियों की प्राचीन परंपरा के आधार पर ही संत समाज गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करता चला आ रहा है। हम सभी को ऐसे महान महापुरुष के आदर्श पूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि भगवान कपिल मुनि अत्यंत उत्कृष्ट कोटि के विचारक एवं अथाह ज्ञानवान थे। जिन्होंने राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को मुक्ति के लिए भगीरथ को मां गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए प्रेरित किया। उन्हीं के बताए मार्ग पर चलकर मां गंगा का अवतरण पृथ्वी पर हुआ और राजा सागर के साठ हजार पुत्रों को मोक्ष की प्राप्ति हुई। ऐसे महान पुरुषों की गाथा सर्व समाज के लिए प्रेरणादाई है। हम सभी भगवान कपिल मुनि महाराज के चरणों में नमन करते हैं और आशा करते हैं कि श्री महंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर रहे। स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि भगवान कपिल मुनि महाराज महान तपस्वी साधक थे। भारत के कोने कोने से आकर श्रद्धालु भक्त कपिल तीर्थ में स्नान कर अपना जीवन कृतार्थ करते हैं। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी लगातार उन्नति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म को नई दिशा प्रदान करने में संत महापुरुषों की अहम भूमिका है और श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज अपने त्याग और तपस्या के बल पर समाज को लाभान्वित कर रहे हैं। समाज के निर्माण में उनकी अहम भूमिका हमेशा स्मरण रहेगी। श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के पंच महंत देव गिरी, महंत कमल गिरी, महंत किशन गिरी, महंत रामेंद्र पुरी, महंत अखिलेश भारती, महंत सुभाष पुरी, महंत रविन्द्र गिरी, महंत महेश गिरी महाराज ने कहा कि भगवान कपिल मुनि विष्णु भगवान के चैबीसवें अवतार माने जाते हैं। इस अवसर पर स्वामी हरिचेतनानंद, महंत दामोदर दास, महंत कमलदास, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, स्वामी ऋषिश्वरानंद, सतपाल ब्रह्मचारी, स्वामी ऋषि रामकृष्ण, महंत जसवेंद्र सिंह, मुखिया महंत भगतराम, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारी शरण, स्वामी गिरधर गिरी, महंत कृष्णानंद, स्वामी शिवकुमार, महंत सूर्यमोहन गिरी, साध्वी जीवन ज्योति मां, साध्वी शरण ज्योति मां, महंत देवेंद्र सिंह, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी दिनेश दास आदि सहित बड़ी संख्या में संत महापुरूष मौजूद रहे।

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