हरिद्वार, 03 सितंबर 2026। भारत सरकार, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति, देहरादून के निर्देशानुसार जिला नोडल अधिकारी, एचआईवी/एड्स एवं जिला क्षय रोग अधिकारी, हरिद्वार डॉ. रमेश कुंवर की अध्यक्षता में दारुल उलूम राशिदयान जूनियर हाई स्कूल, ईदगाह रोड, ज्वालापुर में एक दिवसीय एकीकृत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य समुदाय के उच्च जोखिम समूह एवं सामान्य जनसंख्या को एक ही स्थान पर आवश्यक स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं जागरूकता सेवाएं उपलब्ध कराना तथा एचआईवी/एड्स से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविर के दौरान आदर्श युवा समिति, हरिद्वार द्वारा संचालित लक्षित हस्तक्षेप कार्यक्रम तथा चौखम्बा, हरिद्वार के सहयोग से लाभार्थियों की एचआईवी जांच, यौन संचारित संक्रमण/प्रजनन तंत्र संक्रमण की जांच, वीडीआरएल जांच सहित आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के साथ-साथ लाभार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों एवं परामर्शदाताओं द्वारा लोगों को एचआईवी/एड्स के संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों, सुरक्षित व्यवहार, समय पर जांच कराने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। लोगों को यह भी समझाया गया कि समय पर जांच एवं उचित परामर्श के माध्यम से एचआईवी सहित अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान और रोकथाम संभव है।
शिविर में उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य एवं एचआईवी/एड्स जागरूकता से संबंधित सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री भी वितरित की गई। इसके माध्यम से समुदाय में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने तथा भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश कुंवर, श्री हेमंत कुमार, सीपीएम, दिशा क्लस्टर, श्री अशोक कुमार, सीपीओ, दिशा क्लस्टर, श्री सौरभ रिखरा, परियोजना प्रबंधक, आदर्श युवा समिति, श्री मोहन कुमार, परियोजना प्रबंधक, चौखम्बा, सुश्री सुनीता देवी, परामर्शदाता, आदर्श युवा समिति एवं सुश्री ज्योति वर्मा, आउटरीच कार्यकर्ता, आदर्श युवा समिति सहित संबंधित स्वास्थ्य एवं परियोजना टीम के सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर अधिकारियों एवं परियोजना टीम ने समुदाय के लोगों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें, आवश्यकता होने पर समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं तथा एचआईवी/एड्स से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रांति या सामाजिक भेदभाव से बचें। स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए इस प्रकार के एकीकृत स्वास्थ्य शिविरों को महत्वपूर्ण पहल बताया गया।


