जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह ने मरीजों को समय से चिकित्सीय सुविधाएं

 

हरिद्वार 19 सितम्बर, 2024 जिलाधिकारी कमेन्द्र सिंह ने मरीजों को समय से चिकित्सीय सुविधाएं / लाभ उपलब्ध कराये जाने के दृष्टिगत जनपद में स्थापित जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय, विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में दिनांक 18.09.2024 को रात्रि 10.00 बजे से 11.00 बजे के मध्य आकस्मिक निरीक्षण किये जाने हेतु जनपद में तैनात अपर जिलाधिकारियों एवं समस्त उप जिलाधिकारियों को नामित किया गया। नामित अधिकारियों द्वारा सम्बन्धित चिकित्सालयों का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई आख्या के अनुसार हरमिलाप जिला चिकित्सालय, हरिद्वार के निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित पाया गया, निरीक्षण के दौरान 35 मरीज भर्ती पाये गये, जीवन रक्षक दवाईयों व ऑक्सीजन, ऐम्बुलेंस उपलब्ध है। चिकित्सालय में साफ-सफाई का अभाव पाया गया जिसके सम्बन्ध में उपस्थित स्टाफ को कड़े निर्देश निर्गत किये गये। (निरीक्षणकर्ता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार),
राजकीय महिला चिकित्सालय, हरिद्वार के निरीक्षण के दौरान चिकित्सक उपस्थित पाये गये, जीवन रक्षक दवाईयां उपलब्ध पाई गयी, आपातकालीन वार्ड में 15 मरीज, जनरल वार्ड में 05 मरीज तथा प्राईवेट वार्ड में 01 मरीज भर्ती पाये गये तथा अन्य व्यवस्थाएँ संतोषजनक पाई गयी। (निरीक्षणकर्ता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार)
मेला चिकित्सालय, हरिद्वार के निरीक्षण के दौरान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक व नर्सिंग स्टाफ उपस्थित पाये गये, 09 मरीज भर्ती होना पाये गये, आपातकालीन कक्ष में ऑक्सीजन एवं दवाईयों उपलब्ध पायी गई, सक्शन मशीन कियाशील है। रात्रि डयूटी हेतु ई०एम०ओ० की तैनाती किया जाना आवश्यक है, हृदय रोगियों की जांच हेतु ट्रेडमील खराब होना पाया गया जिसे तत्काल सहीं कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। (निरीक्षणकर्ता नगर मजिस्ट्रेट, हरिद्वार)
राजकीय उप जिला चिकित्सालय, रुड़की के निरीक्षण के दौरान चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित पाये गये। चिकित्सालय में 23 मरीज भर्ती हैं, जीवन रक्षक दवाईयों, सक्शन मशीन उपलब्ध हैं, तथा सक्शन मशील कियाशील है। चिकित्सालय में उपलब्का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित है परन्तु चालू स्थिति में नहीं है। साफ-सफाई संतोषजनक पायी गयी। स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की तैनाती किया जाना अपेक्षित है। (निरीक्षणकर्ता-संयुक्त मजिस्ट्रेट, रुड़की)
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भगवानपुर के निरीक्षण के दौरान स्टाफ उपस्थित पाया गया, 06 मरीज भर्ती होना पाया गया, ऑक्सीजन व सक्शन मशीन उपलब्ध है, सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिये जाने हेतु निर्देशित किया गया। आपातकालीन कक्ष में चिकित्सक की तैनाती किया जाना आवश्यक है। (निरीक्षणकर्ता-उप जिलाधिकारी, भगवानपुर)
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मंगलौर के निरीक्षण के दौरान डॉ० पी.के. सिंह की डयूटी थी जो तत्समय ही उपस्थित हुए अन्य स्टाफ उपस्थित पाया गया, सफाई व्यवस्था का अभाव पाया गया जिसे दुरुस्त किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान 03 मरीज भर्ती पाये गये, ऑक्सीजन व सक्शन मशीन उपलब्ध है, स्वास्थ्य केन्द्र में आपातकालीन डयूटी में तैनात चिकित्सक, कर्मचारियों का डयूटी चार्ट प्रदर्शित किये जाने तथा चिकित्सा स्टाफ को समय से उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया।
(निरीक्षणकर्ता अपर उप जिलाधिकारी, रुड़की)
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लक्सर के निरीक्षण के दौरान चिकित्सा स्टाफ उपस्थित पाया गया, 02 मरीज भर्ती पाये गये, जीवन रक्षक दवाईयों, ऑक्सीजन, सक्शन मशीन उपलब्ध है, सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गयी। (निरीक्षणकर्ता उप जिलाधिकारी, लक्सर) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र।
लालढांग के निरीक्षण के दौरान चिकित्सक व अन्य कार्मिक उपस्थित पाये गये. 03 महिलाएं भर्ती पायी गयी, पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिये जाने हेतु निर्देशित किया गया, जीवन रक्षक दवाईयों, ऑक्सीजन, सक्शन मशीन उपलब्ध है तथा सफाई व्यवस्था संतोषजनक पायी गयी। (निरीक्षणकर्ता- विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, हरिद्वार)
निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लण्डौरा (निरीक्षणकर्ता-डिप्टी कलेक्टर/न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुड़की) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रोशनाबाद (निरीक्षणकर्ता-डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय हरिद्वार) बन्द पाये गये। उक्त के सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार को कड़े निर्देश निर्देश निर्गत किये गये कि उक्त चिकित्सालयों में तैनात चिकित्सकों व कार्मिकों के स्पष्टीकरण प्राप्त कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में मरीजों को समय से स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराये जाने हेतु भविष्य में भी समय-समय पर चिकित्सालयों का आकस्मिक निरीक्षण कराया जायेगा ताकि जनपद के चिकित्सालयों में चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके, और मरीजों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध हो सके।

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