श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि देवी दुर्गा के नवरात्र उपासना और साधना का सर्वोत्तम अवसर है

हरिद्वार, 22 मार्च। अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि देवी दुर्गा के नवरात्र उपासना और साधना का सर्वोत्तम अवसर है। नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रों में की जाने वाली आराधना और उपासना से प्रसन्न होकर मां मनसा देवी भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्रों में नौ दिनों तक चलने विशेष अनुष्ठान के पहले दिन मां मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि नवरात्रों में पूर्ण विधि विधान से देवी भगवती की आराधना करने से कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, परिवारों में सुख समृद्धि का वास होता है। प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को नवरात्रों में मां दुर्गा की आराधना अवश्य करनी चाहिए। श्रीमहत रविंद्रपुरी महाराज ने नवरात्रि नारी शक्ति उत्सव के तहत 25 मार्च को मां मनसा देवी मंदिर में महिलाओं व बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा। भारत माता मंदिर के महंत एवं निरंजनी अखाड़े के महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि श्रद्धालु भक्तों को देवी आराधना करने के साथ देवी स्वरूपा कन्याओं के संरक्षण संवर्द्धन का संकल्प भी अवश्य लेना चाहिए। इस अवसर पर निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, महंत केशव पुरी, महंत नरेश गिरी, महंत ओंकार गिरी, महंत राधे गिरी, महंत शिव वन, दिगंबर राधेश्याम पुरी, दिगंबर नीलकंठ गिरी, दिगंबर बलवीर पुरी, दिगंबर राजगिरी, दिगंबर आनन्द गिरी, दिगंबर राकेश गिरी, दिगंबर सुखदेव पुरी, दिगंबर गंगा गिरी, दिगंबर रतन गिरी, दिगंबर उमेश भारती, दिगंबर राजेंद्र भारती, स्वामी आशुतोष पुरी, स्वामी रघुवन, दिगंबर विनोद गिरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

Related Posts

एचईसी कॉलेज मे होली महोत्सव ”रंग बरसे“ 2026 का आयोजन

दिनांक 01.03.2026 एचईसी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन में ‘कल्चरल क्लब‘ द्वारा बड़े उत्साह के साथ होली महोत्सव ”रंग बरसे“ 2026 का आयोजन किया गया। महोत्सव का शुभारम्भ छात्रों द्वारा गणेश वन्दना…

राष्ट्र में हिंदुओं को संगठित होकर राष्ट्र प्रथम के तहत करना होगा काम

हरिद्वार। विराट हिंदू सम्मेलन में संघ के सह विभाग प्रमुख संजय ने संघ के पंच परिवर्तन समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य के बारे में विस्तार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *