सनातन धर्म में जातिगत भावना का कोई स्थान नहीं है-श्रीमहंत रविन्द्रपुरी

हरिद्वार, 6 फरवरी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान जातियां भगवान ने नहीं पंडितों ने बनायी हैं, का समर्थन किया है। श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना है। ईश्वर के लिए सभी मनुष्य एक समान हैं। समाज में कोई ऊंचा नीचा नहीं है। सभी एक समान हैं। सनातन धर्म संस्कृति में जातिगत भावना का कोई स्थान नहीं है। शबरी के झूठे बेर खाकर भगवान राम ने समाज को समरसता का संदेश दिया। सभी को भगवान राम के दिए संदेश को आत्मसात करना चाहिए। किसी के साथ भी भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। भेदभाव से समाज कमजोर होता है। सभी को एकजुट होकर देश के विकास में योगदान करना चाहिए। आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी बालकानन्द गिरी महाराज ने कहा कि संत महापुरूषों ने हमेशा ही समाज को एकजुटता व समरसता का संदेश दिया है। सनातन धर्म पूरे विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है। सनातन धर्म की विशेषतओं को पूरी दुनिया अपना रही है। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज एवं भारत माता मंदिर के महंत महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानन्द गिरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में कहीं भी ऊंच नीच भेदभाव की बात नहीं है। पूरा समाज एकजुट होकर सनातन परंपरांओं का निर्वाह कर रहा है। संत महापुरूषों ने हमेशा ही देश की एकता अखण्डता कायम रखने में योगदान किया है।

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