हरिद्वार। शारदीय कांवड़ मेले के दौरान बाहरी राज्यों से भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण नगर निगम हरिद्वार क्षेत्रांतर्गत लगभग 2000 से अधिक ट्रैक्टर कूड़ा एकत्रित हुआ। इतनी विशाल मात्रा में कूड़ा होने के बावजूद नगर निगम ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए स्वच्छता व्यवस्था को निरंतर बनाए रखा।
150 कर्मियों की दिन-रात तैनाती
नगर निगम की 150 कर्मियों की विशेष टीम ने लगातार दिन-रात कार्य किया। रात्रि पाली में भी संवेदनशील घाट स्थलों पर विशेष निगरानी रखते हुए सफाई अभियान चलाया गया, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
प्रमुख घाटों पर निरंतर अभियान
सुभाष घाट, नई घाट, सीसीआर घाट, शिव घाट, विष्णु घाट, जयराम घाट एवं चमगादड़ घाट पर कम्पोस्टेबल गार्बेज बैग के माध्यम से व्यवस्थित कूड़ा संग्रहण किया गया। मेले की अवधि में इन सभी स्थलों पर लगातार सफाई व्यवस्था बनाए रखी गई।
मेले से पूर्व और पश्चात व्यापक रणनीति
मेले के आरंभ से पूर्व ही नगर निगम द्वारा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं एवं जनसेवकों के सहयोग से प्रमुख स्थलों की अग्रिम सफाई सुनिश्चित कर ली गई थी।
मेले की समाप्ति के तुरंत बाद शांतिकुंज, पतंजलि एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) के सहयोग से वृहद सफाई अभियान चलाया गया, जिससे एकत्रित कूड़े का त्वरित एवं वैज्ञानिक निस्तारण किया जा सका।
नगर निगम सीमा से बाहर भी विशेष पहल
विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि कांवड़ मेले के उपरांत नगर निगम ने केवल अपने अधिकार क्षेत्र के घाटों तक ही अभियान सीमित नहीं रखा, बल्कि नगर निगम क्षेत्र से बाहर चंडी घाट क्षेत्र में भी विशेष सफाई अभियान संचालित किया गया।
नगर निगम कर्मियों ने सेवा भाव से आगे बढ़कर उन क्षेत्रों में भी सफाई कार्य किया, जहाँ श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण कूड़ा एकत्रित हो गया था। यह कदम नगर निगम की कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण एवं व्यापक सामाजिक उत्तरदायित्व को दर्शाता है।
वर्तमान स्थिति
अधिकांश घाटों की सफाई पूर्ण की जा चुकी है। वर्तमान में विष्णु घाट, बिरला घाट तथा अलकनंदा घाट क्षेत्रों में विशेष अभियान जारी है, जिसे आज पूर्ण रूप से साफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अधिकारियों की सक्रिय भूमिका
रोड़ी बेलवाला घाट क्षेत्र में सफाई अभियान की कमान मुख्य सफाई निरीक्षक श्री अर्जुन सिंह द्वारा संभाली गई, जबकि चमगादड़ टापू एवं अन्य घाट क्षेत्रों में सफाई अभियान का नेतृत्व सफाई निरीक्षक श्री धीरेंद्र सेमवाल ने किया।
रात्रि पाली में सुपरवाइजर श्री कुलदीप, श्री अशोक एवं श्री कपिल सहित अन्य पर्यवेक्षकों ने भी सतत निगरानी रखते हुए सराहनीय योगदान दिया।
स्वच्छता के प्रति वार्षिक प्रतिबद्धता
इतने विशाल मेले और लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद नगर निगम हरिद्वार ने सुनियोजित प्रबंधन, प्रभावी मानव संसाधन तैनाती और जन-सहभागिता मॉडल के माध्यम से स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा।
