हरिद्वार
सावन के पहले सोमवार को हर की पौड़ी से रेजांगला युद्ध (1962) के 87 वर्षीय जीवित योद्धा कप्तान रामचंद्र यादव ने गंगाजल से स्नान कर अमर शहीदों की स्मृति में कावड़ उठाई। यह ऐतिहासिक यात्रा शहीद सेवा दल फाउंडेशन द्वारा रेजांगला शौर्य समिति के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुई, जिसे पतंजलि योगपीठ पहुंचने पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने प्रेरणादायी बताते हुए आशीर्वाद दिया।
यह यात्रा 17 जून को परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह भाटी की जन्म शताब्दी पर जोधपुर से शुरू हुई और विभिन्न राज्यों के शहीद परिवारों को सम्मानित करते हुए 23 जुलाई (महाशिवरात्रि) को चूशूल घाटी, लेह-लद्दाख पहुंचेगी, जहां गंगाजल से शहीदों का सामूहिक तर्पण किया जाएगा।
इस पावन यात्रा में प्रमुख रूप से सावन सिंह रोहिल्ला, नरेश चौहान ‘राष्ट्रपूत’, श्याम लाल यादव, जगदीश प्रसाद यादव, श्रीमती मिश्रो देवी, योगाचार्य राकेश कुमार शास्त्री, सरोज बाला, यशवंत शास्त्री, स्नेह लता, ज्यावर्धन, पूजा गुप्ता, मनीष कुमार, केवल सिंह व संदीप शामिल रहे। सभी ने भोलेनाथ के जयकारों संग कावड़ को चंडीगढ़ की ओर रवाना किया।
