सिख गुरू परंपरा में बैशाखी पर्व का विशेष महत्व-महंत जसविन्दर सिंह

हरिद्वार, 14 अप्रैल। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में बैशाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया। बैशाखी के अवसर अखाड़े के संतों ने गुरूद्वारे में श्री गुरूग्रंथ साहिब का पाठ व शबद कीर्तन का आयोजन किया और सभी के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि सिख गुरू परंपरा में बैशाखी पर्व का महत्वपूर्ण स्थान है। बैशाखी के दिन ही आक्रांतों से धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरू गोविंद सिंह ने आनंदपुर की धरती पर खालसा पंथ की स्थापना की थी। आज ही के दिन हरमिंदर साहिब की महिमा प्रकट हुई थी और पिंगला नाम के व्यक्ति को सरोवर में स्नान करने से कुष्ठ रोग से मुक्ति मिली थी। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि बैशाखी का पर्व आर्थिक समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है। बैशाखी के दिन ही फसलों की कटाई शुरू होती है। बाजारों में नई फसल आने से देश में आर्थिक समृद्धि का वातावरण का बनता है। उन्होंने कहा कि बैशाखी के अवसर पर गंगा स्नान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। सभी को गंगा स्नान कर मानव कल्याण में योगदान का संकल्प लेना चाहिए। आदियोगी विद्यापीठ के परमाध्यक्ष स्वामी आदियोगी महाराज ने सभी को बैशाखी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदुत्व की रक्षा के लिए सिख गुरूओं के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। युवा वर्ग को इसे जानना चाहिए और देश सेवा का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरू परंपरांओं का पालन करते हुए श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभा रहा है। जो सभी के लिए प्रेरणादायक है। इस अवसर पर इस दौरान महंत खेम सिंह, महंत अमनदीप सिंह, संत जरनैल सिंह, महंत निर्भय सिंह, महंत बीर सिंह, संत विष्णु सिंह, संत जसकरण सिंह आदि संत मौजूद रहे।

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