कोयला एवं जल आधारित विद्युत गृहों से कम उत्पादन की स्थिति मेंसंभावित विद्युत कमी से निपटने की तैयारी हेतु समीक्षा

देहरादून, दिनांक 22.09.2026

देश में वर्तमान विद्युत की मांग एवं उपलब्धता के बीच अंतर के कारणविशेषकर पीक आवर्स के दौरान कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित होरही है विद्युत उपलब्धता में कमी के प्रमुख कारण राष्ट्रीय स्तर परकोयला आधारित विद्युत उत्पादन एवं पावर एक्सचेंजों से विद्युत कीसीमित उपलब्धता, राज्य एवं केंद्रीय जल विद्युत परियोजनाओं सेअपेक्षाकृत कम उत्पादन, टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की दो इकाइयों कातकनीकी कारणों से बंद होना है वर्तमान परिस्थितियों में पावरएक्सचेंजों के माध्यम से पीक आवर्स के दौरान अतिरिक्त विद्युत कीउपलब्धता अधिकतम दरों पर भी नहीं हो पा रही है विगत कुछ दिनों सेसायंकालीन पीक आवर्स के दौरान पावर ग्रिड की आवृत्ति लगभग 49.50 हर्ट्ज तक बनी हुई है ग्रिड की सुरक्षा एवं स्थिरता को बनाए रखने केदृष्टिगत NRLDC (Northern Regional Load Despatch Centre) द्वारा निर्धारित सीमाओं के अनुसार ओवरड्रॉ की अनुमति भीप्रतिबंधित की जा रही है वर्तमान में नदियों के जल प्रवाह में कमी केकारण जल विद्युत के विद्युत उत्पादन में पिछले वर्ष की इसी अवधि कीतुलना में कमी दर्ज की जा रही है सितंबर 2025 में इन दिनों पीक आवर्सके दौरान राज्य एवं केंद्रीय जल विद्युत गृहों से राज्य में औसतन लगभग250 MW विद्युत उत्पादन में कमी देखी जा रही है वर्तमान में टिहरी पंपस्टोरेज प्लांट की दो इकाइयां तकनीकी कारणों से कार्यरत नहीं हैं इसकेपरिणामस्वरूप पीक आवर्स के दौरान लगभग 100 MW की विद्युतक्षमता प्रभावित हो रही है

उपरोक्त सभी परिस्थितियों के सम्मिलित प्रभाव के कारण वर्तमान मेंराज्य में पीक आवर्स के दौरान औसतन लगभग 350 MW विद्युत कीकमी देखी जा रही है विद्युत की उपलब्धता एवं मांग के बीच संतुलनबनाए रखने तथा ग्रिड की सुरक्षा एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिएआवश्यकतानुसार कुछ क्षेत्रों में आपातकालीन विद्युत आपूर्ति में कटौतीकरनी पड़ रही है

विद्युत की संभावित कमी की आशंका के दृष्टिगत प्रबन्ध निदेशक, UPCL द्वारा संबंधित अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की गई समीक्षाके दौरान अधिकारियों द्वारा विद्युत कमी के कारणों से अवगत कराते हुएबताया गया कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की स्थिति अन्य समीपवर्ती राज्योंकी अपेक्षा बेहतर है इस पर प्रबन्ध निदेशक महोदया द्वारा कड़ी नाराजगीव्यक्त करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिएगए साथ ही, विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयों को निर्बाध विद्युत आपूर्तिसुनिश्चित करने हेतु अनुरक्षण कार्यों के लिए विशेष अभियान चलाने केनिर्देश दिए गए यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि नवीननिर्माण एवं परियोजना संबंधी कार्यों के लिए पृथक से विद्युत बाधित की जाए

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