देहरादून, 04 सितम्बर 2026
“कर्म ही पूजा है” के मंत्र को आत्मसात करने वाले
श्री प्रकाश चन्द्र ध्यानी, प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल ने जन्माष्टमी के पर्व पर किया विद्युत उपसंस्थानों का दौरा
“अवकाश के दिन भी विद्युत व्यवस्था की निगरानी एवं उपभोक्ता सेवा को दी प्राथमिकता — विकासनगर क्षेत्र का दौरा कर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का लिया जायजा”
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश चन्द्र ध्यानी ने जन्माष्टमी के पावन पर्व एवं अवकाश के अवसर पर भी कार्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए आज विकासनगर क्षेत्र का व्यापक दौरा किया। उन्होंने क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, विद्युत उपसंस्थानों की कार्यप्रणाली तथा उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही विद्युत सेवाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रबंध निदेशक द्वारा विकासनगर क्षेत्र के विकासनगर, सहसपुर, हरबर्टपुर, डाकपत्थर एवं मोहनपुर स्थित 33/11 केवी विद्युत उपसंस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों से विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, लोड प्रबंधन, उपसंस्थानों की कार्यक्षमता, फॉल्ट रिस्पॉन्स, ब्रेकडाउन की स्थिति तथा उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
श्री ध्यानी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू, विश्वसनीय एवं निर्बाध बनाए रखना यूपीसीएल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि विद्युत व्यवधान की स्थिति में फॉल्ट की पहचान एवं उसके निस्तारण में न्यूनतम समय लिया जाए तथा फील्ड स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवा उपलब्ध कराना निगम की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आगामी समय में विद्युत मांग एवं संभावित लोड वृद्धि को ध्यान में रखते हुए उपसंस्थानों एवं विद्युत नेटवर्क की क्षमता का नियमित आकलन किया जाए तथा जहां आवश्यक हो, वहां पूर्व नियोजित तरीके से क्षमता वृद्धि एवं नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के कार्य किए जाएं। उन्होंने फील्ड अधिकारियों से कहा कि केवल शिकायत प्राप्त होने की प्रतीक्षा न करते हुए प्रिवेंटिव मेंटेनेंस एवं सक्रिय निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि विद्युत व्यवधान की संभावनाओं को पहले ही कम किया जा सके।
दौरे के दौरान प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश चन्द्र ध्यानी ने डुंगा एवं पौंधा में प्रस्तावित/निर्माणाधीन नए 33/11 केवी विद्युत उपसंस्थानों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति, भूमि एवं निर्माण संबंधी स्थिति, विद्युत उपकरणों की स्थापना तथा निर्धारित समयसीमा के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि नए विद्युत उपसंस्थानों के निर्माण एवं कमीशनिंग से संबंधित कार्यों को गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र में बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप पर्याप्त क्षमता उपलब्ध कराई जा सके और उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो।
अपने क्षेत्रीय दौरे के दौरान प्रबंध निदेशक ने PTCUL एवं UJVNL के अधिकारियों के साथ Asset Transfer से संबंधित विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में परिसंपत्तियों के हस्तांतरण से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं, संबंधित परिसंपत्तियों की स्थिति, अभिलेखों के हस्तांतरण तथा प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद ध्यानी के क्षेत्रीय दौरे के दौरान मुख्य अभियंता एनएस बिष्ट, अधीक्षण अभियंता युद्धवीर सिंह तोमर, अधीक्षण अभियंता गौरव शर्मा, अधिशासी अभियंता शक्ति प्रसाद डाकपत्थर के उपखंड अधिकारी अशोक कुमार, विकासनगर के उपखंड अधिकारी अरशद अली, हरबर्टपुर के उपखंड अधिकारी विकास भारती, सहायक अभियंता मापक योगेश कुमार सहित जूनियर इंजीनियर विपिन कोटियाल, रजनीश भट्ट और केसर सिंह मौजूद रहे।
जन्माष्टमी जैसे पावन पर्व एवं अवकाश के दिन प्रबंध निदेशक द्वारा क्षेत्रीय विद्युत उपसंस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया जाना उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण एवं विद्युत उपभोक्ताओं के प्रति उत्तरदायित्व को दर्शाता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों से कहा कि विद्युत व्यवस्था एक आवश्यक एवं निरंतर सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए फील्ड स्तर पर हर समय सजग एवं तत्पर रहना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि निगम का प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी यदि अपने दायित्व को सेवा भावना और पूर्ण निष्ठा के साथ निभाता है, तो निश्चित रूप से राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को और बेहतर एवं विश्वसनीय विद्युत सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।


