पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

हरिद्वार, 11 नवम्बर 2025। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।

विश्वविद्यालय की छात्रा यशस्वी ठाकुर ने राज्य स्तरीय शास्त्रीय नृत्य (सोलो क्लासिकल डांस) प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर पतंजलि विश्वविद्यालय की प्रतिभा और सांस्कृतिक मूल्यों का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि योग एवं संस्कृति-आधारित शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में कितनी प्रभावी है। वहीं छात्राओं ने समूह नृत्य प्रतियोगिता में पाँचवाँ स्थान प्राप्त कर अपने उत्कृष्ट समन्वय, नृत्य-अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक दक्षता से सभी का ध्यान आकर्षित किया। अपनी भावपूर्ण और सुमधुर प्रस्तुतियों से इन्होंने न केवल निर्णायक मंडल को प्रभावित किया, बल्कि सभागार में उपस्थित दर्शकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसी क्रम में, पतंजलि विश्वविद्यालय की विद्यार्थियों की टीम ने मिलेट-आधारित पाक कला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रतियोगिता में भाग लेते हुए द्वितीय स्थान (प्रथम उपविजेता) प्राप्त किया। टीम की अभिनव प्रस्तुतियों में पोषक तत्वों से भरपूर मिलेट-आधारित व्यंजन, लोक-सांस्कृतिक प्रदर्शन तथा स्वास्थ्य जनजागरूकता से युक्त संदेश ने निर्णायक मंडल को विशेष रूप से प्रभावित किया।

इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के एक अन्य प्रतिभाशाली छात्र को राज्य स्तरीय स्केचिंग प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह विश्वविद्यालय की कला एवं सृजनात्मकता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, पतंजलि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शॉर्ट फिल्म मेकिंग, वाद-विवाद, क्विज़,फोटोग्राफी और हैंडीक्राफ्ट्स जैसी प्रतियोगिताओं में भी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय का परचम लहराया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित इन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी, नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता पतंजलि विश्वविद्यालय के समर्पित मार्गदर्शन, योग-संस्कार-आधारित शिक्षा प्रणाली तथा विद्यार्थियों की कठोर साधना का परिणाम है।

पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रति-कुलपति, कुलसचिव, अधिकारीगण एवं शिक्षकों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इन उपलब्धियों ने पुनः सिद्ध किया है कि पतंजलि विश्वविद्यालय केवल योग एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में अग्रणी नहीं है, बल्कि कला, संस्कृति और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों में भी निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहा है।

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