श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में हरेला पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया

 

  हरिद्वार समाचार– श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में हरेला पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान अखाडा परिसर मे आम, पीपल, नीम, तुलसी आदि के पौधे रौपे गए। इस दौरान निर्मल अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि खुशहाली सुख समृद्धि और हरियाली का प्रतीक हरेला पर्व समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। सभी को मिलजुलकर पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्षारोपण अवश्य करना चाहिए। जिससे मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे। हरेला पर्व मानव और पर्यावरण के अंतर संबंधों का अनूठा पर्व है। वनों से हमें अनेक प्रकार के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इसलिए सभी को मिलजुल कर प्रकृति का संरक्षण करने में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के प्रति मानव प्रेम का प्रतीक है। वर्तमान में सभी को जागरूक होकर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मिलजुल कर प्रयास करने होंगे, तभी हमारा भविष्य संवर सकता है। कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इससे संपूर्ण मानव जाति को सीख लेनी चाहिए और अपने जीवन काल में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए। आज बढ़ती जनसंख्या के कारण जगह जगह पेड़ों का कटान हो रहा है। समाज को जागरूकता दिखाते हुए पेड़ों का संरक्षण करना चाहिए। साथ ही सड़क किनारे एवं खाली जगह पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाना चाहिए। महंत अमनदीप सिंह महाराज ने कहा कि देवभूमि का लोक पर्व हरेला खुशहाली और उन्नति का प्रतीक है। जो प्रत्येक व्यक्ति के मन में पर्यावरण के प्रति प्रेम को जागृत करता है। पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। पौधारोपण में महंत खेमसिंह, महंत सतनाम सिंह, संत हरजोत सिंह, संत जसकरण सिंह, संत सुखमन सिंह, संत तलविन्दर सिंह, संत निर्भय सिंह, संत जनरैल सिंह, संत रोहित सिंह, बाबा गुरजीत सिंह, संत शशिकांत सिंह, संत विष्णु सिंह आदि संतजन भी मौजूद रहे।

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