बढ़ती उम्र के साथ आने वाली बीमारियों से बचने का तरीका बताएगा आयुष विभाग: डॉ अवनीश उपाध्याय

 

हरिद्वार -जनपद के विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय आयुष मिशन की योजना के अंतर्गत आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। डॉ अवनीश उपाध्याय ने कहा कि इस शिविर में गठिया, घुटने का दर्द, कमर दर्द, कमजोरी, पेट के रोग यथा कब्ज, बीपी, शुगर, आंख व कान की कमजोरी, प्रकृति परीक्षण, आहार विहार दिनचर्या सम्बन्धी परामर्श, सामान्य जांच सुविधाएं, अग्निकर्म, मर्म चिकित्सा, योग परामर्श, पंचकर्म परामर्श एवं निःशुल्क औषधि वितरण की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ स्वास्तिक सुरेश के निर्देशन में वृद्ध जन स्वास्थ्य शिविर जिले के आयुष हेल्थ एंड वैलनेस केंद्रो जगजीतपुर, हल्लू माजरा, मिर्जापुर, गैंडी खाता, दौलतपुर, बहादराबाद, बिहारीनगर, सालियर, डाडा जलालपुर, बहादरपुर खादर और भोगपुर में लगाया जाएगा।

बताते चलें कि शिविर में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं व पुरुषों की जांच एवं चिकित्सा विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। शिविर के बाद भी बुजुर्गों की नियमित रूप से अस्पताल में जांच की जाएगी। चिह्नित मरीजों को निःशुल्क आयुष चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। शिविर में वृद्धावस्था के दौरान हल्के नियमित रूप से योग एवं व्यायाम करने, संतुलित भोजन, पूरी नींद लेना, दैनिक दिनचर्या के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ घनेंद्र वशिष्ठ बताते हैं कि रसायन द्रव्यों के सेवन से वृद्धावस्था में धातुओं का पोषण होता है जो शरीर को पुनर्जीवित करने और दीर्घायु प्रदान करने में मदद करती हैं। वृद्धावस्था में अश्वगंधा, अर्जुन, पुनर्नवा, शिलाजीत, ब्राह्मी, पुष्करमूल, हल्दी आदि का सेवन लाभदायक होता है। आयुर्वेदाचार्य डॉ अश्वनी कौशिक कहते हैं कि आचार रसायन एवं सदवृत्त पालन से रसायन सेवन के सभी फल प्राप्त होते हैं। सच बोलने, क्रोध न करने, मदिरा पान न करने, ब्रह्मचर्य का पालन, अहिंसा, अत्यधिक परिश्रम न करने, प्रिय बोलने, आहार में घी दूध का सेवन, आत्म-संयम और नियमित रूप से अध्ययन करने से स्वस्थ मन और शरीर की प्राप्ति होती है।

12 जुलाई को जिले के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में डॉ घनेंद्र वशिष्ठ, डॉ भास्कर आनंद, डॉ विक्रम रावत, डॉ नवीन दास, डॉ मोनिका प्रभाकर, डॉ मनीषा चौहान, डॉ श्रवण कुमार त्रिपाठी, डॉ आरती पाठक, डॉ फराज खान, डॉ बीरेंद्र रावत, डॉ अश्विनी कौशिक आदि चिकित्सकों द्वारा शिविर का संचालन किया जाएगा।

Related Posts

महर्षि सुश्रुत जयंती पर विशेष

हरिद्वार। भारतीय चिकित्सा विज्ञान के स्वर्णिम इतिहास में महर्षि सुश्रुत का नाम अद्वितीय सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्हें विश्व का प्रथम शल्य चिकित्सक (Father of Surgery) माना जाता…

सेवा पखवाड़ा के बहुउद्देशीय चिकित्सा शिविर में 122 रोगियों ने प्राप्त किया स्वास्थ्य लाभ, आयुर्वेद एवं योग अपनाने का दिया गया संदेश

  हरिद्वार, 13 जुलाई। देवभूमि उत्तराखंड में “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” के अंतर्गत संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत सेवा पखवाड़ा के अवसर पर विकासखंड बहादराबाद,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *