हरिद्वार।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने गोल्डन कार्ड योजना के लिए सरकार द्वारा 125 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट स्वीकृत करने के फैसले का स्वागत किया है। संगठन ने पेंशनर्स की मांगों को स्वीकार कर की जारही कार्यवाही के लिए गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के शीर्ष नेतृत्व की दमदार कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया है। विदित हो कि आज गैरसैंण में आहुत विधान सभा कार्यवाही के पहले दिन गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पास किया गया है।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष चौ ओमबीर सिंह और महामंत्री जे पी चाहर ने संयुक्त बयान में बताया कि एक समय था जब सरकार गोल्डन कार्ड योजना को हाइब्रिड मोड पर चलाने और इसके लिए अंशदान बढ़ाने की सोच रही थी।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष और हरिद्वार के जिलाध्यक्ष बी पी चौहान ने बताया कि अंशदान वृद्धि का पुरजोर विरोध कर पेंशनर की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी कल्याणकारी राज्य की बताकर सरकार द्वारा पूरे बजट की व्यवस्था करने की मांग पेंशनर संगठन ने उठाई थी। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और अगले दिन 12 अगस्त को मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता वाली बैठकों में पेंशनर संगठन की मांग को औचित्यपूर्ण मानते हुए कार्यवाही का भरोसा दिलाया था।
चौ ओमबीर सिंह और चाहर ने फिर दोहराया है कि गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के मांगपत्र पर समयबद्ध कार्यवाही करना सरकार का दायित्व बनता है अन्यथा पेंशनर्स की नाराजगी भारी पड़ सकती है।
