*हरिद्वार 30 सितंबर 2026*
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली के विशेष मॉनिटर (Special Monitor) डॉ. प्रदीप्त कुमार नायक ने बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर मानवाधिकारों के संरक्षण, कमजोर एवं वंचित वर्गों के कल्याण तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से कुष्ठ रोगियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उनके पुनर्वास तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किए जाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. प्रदीप्त कुमार नायक ने निर्देश दिए कि कुष्ठ रोगियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनके पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सामाजिक एवं आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। पात्र कुष्ठ रोगियों को सरकार द्वारा संचालित सभी संबंधित योजनाओं का लाभ हर हाल में उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कुष्ठ रोगियों की आवश्यकताओं का विभागवार चिन्हीकरण करते हुए उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं, आवश्यक दवाएं, जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड, पेंशन योजना तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों में जिन व्यक्तियों को दिव्यांगता की स्थिति के कारण दिव्यांगता प्रमाण पत्र की आवश्यकता है, उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जाने की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए। पात्र व्यक्तियों को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रमाण पत्र के आधार पर मिलने वाली सभी पात्र सुविधाओं एवं योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पेंशन अथवा अन्य दस्तावेजों के अभाव में किसी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से ऐसे मामलों का समाधान करें और पात्र लाभार्थियों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
डॉ. नायक ने अधिकारियों से कहा कि कुष्ठ रोगियों एवं अन्य कमजोर वर्गों के लिए केवल योजनाओं का संचालन पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। इसके लिए विभागीय अधिकारी क्षेत्र में जाकर लाभार्थियों की स्थिति की जानकारी लें तथा जिन पात्र लोगों को अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें चिन्हित कर लाभान्वित करें।
उन्होंने निर्बल, असहाय, दिव्यांग एवं वंचित लोगों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
विशेष मॉनिटर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानवाधिकारों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। समाज के कमजोर वर्गों के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों के माध्यम से कुष्ठ रोगियों, दिव्यांगजनों एवं अन्य कमजोर वर्गों के लिए संचालित योजनाओं एवं उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गई। डॉ. नायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों का नियमित रूप से चिन्हीकरण करते हुए उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाए और योजनाओं के लाभ की निरंतर निगरानी की जाए।
डॉ. प्रदीप्त कुमार नायक का हरिद्वार आगमन पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र ने समृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया तथा उन्हें आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश एवं सुझाव दिए गए है, उनका संबंधित विभागीय अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर की सिंह,नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद, सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार,जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा, जिला प्रोवेशन अधिकारी अविनाश सिंह भदौरिया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।


