*हरिद्वार, 24 सितंबर 2026*
उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ सुरजीत सिंह गांधी द्वारा अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की मान्यता, संचालन एवं विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों को लेकर बहादराबाद ब्लॉक में स्थित मदरसों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मदरसा इस्लामिया तालीमुल कुरान, भारापुर भोरी रुड़की तथा फलाहे दारैन मॉडर्न स्कूल, भोरी रुड़की के पास शिक्षा विभाग की मान्यता पाई गई, लेकिन अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की मान्यता नहीं थी। दोनों संस्थानों में धार्मिक शिक्षा संचालित किए जाने के दृष्टिगत उन्हें आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करने तथा बिना मान्यता धार्मिक शिक्षा संचालित न करने के निर्देश दिए गए।
वहीं गढ़मीरपुर एवं दादूपुर गोविंदपुर क्षेत्र के अन्य मदरसों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बंद हो चुके संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों को अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों एवं मदरसों में स्थानांतरित किए जानकारी ली गई, ताकि एक भी बच्चे की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित न हो। एक संस्था द्वारा अपनी मान्यता स्वेच्छा से सरेंडर की गई है, जबकि एक अन्य संस्था ने शिक्षा विभाग में मान्यता के लिए आवेदन किया है।
प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के विजन के अनुरूप प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई किसी संस्था या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि बच्चों के शैक्षिक अधिकार, संस्थानों की जवाबदेही और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में है।
उन्होंने कहा कि “नई पहचान, नया सम्मान” की भावना के साथ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, ताकि आज का प्रत्येक बच्चा भविष्य के उत्तराखण्ड के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सके।


